
एम्स के बाद किच्छा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संसथान खोलने की तैयारी, केंद्रीय मंत्री से मिले अजय भट्ट, राज्य सरकार ने भेजा 50 एकड़ भूमि का प्रस्ताव।
उधमसिंह नगर के किच्छा में एम्स खोलने की तैयारियों के बीच अब अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) के चिकित्सालय एवं शोध संस्थान खोलने की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। केंद्रीय बजट में देशभर में तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) खोलने की घोषणा की गई थी। जिसके बाद सांसद नैनीताल उधमसिंह नगर अजय भट्ट ने केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव गणपत राव जाधव भेंट कर उत्तराखंड के किच्छा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) के चिकित्सालय एवं शोध संस्थान की स्थापना का आग्रह किया था।

सांसद अजय भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध आयुर्वेदिक विरासत, दुर्लभ हिमालयी जड़ी-बूटियों और जनहित को देखते हुए किच्छा इस संस्थान के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। संस्थान की स्थापना से उच्च स्तरीय आयुर्वेद चिकित्सा, शोध, शिक्षा, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
सांसद अजय भट्ट के प्रस्ताव के बाद अब इस मामले में राज्य सरकार ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा में संस्थान की स्थापना के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की और केंद्र सरकार से इस पर सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।
मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य सरकार ने संस्थान के लिए ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा स्थित खुरपिया फार्म में 50 एकड़ विवाद रहित भूमि चिन्हित कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। यह भूमि सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप है और संस्थान की स्थापना के लिए पूरी तरह उपयुक्त मानी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रस्तावित स्थल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संपर्क सुविधाओं से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा निकट भविष्य में यहां विकसित होने वाले एम्स सैटेलाइट सेंटर के समीप होने के कारण यह क्षेत्र आधुनिक चिकित्सा और आयुर्वेद के समेकित स्वास्थ्य मॉडल का उत्कृष्ट केंद्र बन सकता है। गौरतलब है कि इससे पहले हरिद्वार स्थित गुरुकुल आयुर्वेद कॉलेज को उच्चीकृत कर अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन आयुष मंत्रालय ने उसे स्वीकृति नहीं दी थी। अब राज्य सरकार ने रणनीति बदलते हुए किच्छा को नए केंद्र के रूप में प्रस्तावित किया है।
