
मजखाली क्षेत्र में सड़क पर घूमने वाले व्यक्ति से एक दशक बाद मिला परिवार, चौकी प्रभारी की पहल से लौटी घर की खुशियां।
मजखाली (रानीखेत)। अल्मोड़ा पुलिस की संवेदनशीलता और नव नियुक्त मजखाली चौकी प्रभारी एसआई विनोद फर्त्याल की सूझबूझ से एक दशक से लापता मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति आखिरकार अपने परिवार से मिल गया। करीब दस वर्ष बाद बेटे और परिजनों से मुलाकात होने पर भावुक पल देखने को मिले और परिजनों की आंखें खुशी से छलक उठीं।

पुलिस के अनुसार, मानसिक रूप से अस्वस्थ श्याम सिंह पिछले लगभग दस वर्षों से ताड़ीखेत और मजखाली क्षेत्र में इधर-उधर भटकते हुए जीवन बिता रहे थे। स्थानीय लोग उन्हें पहचानते तो थे, लेकिन उनकी वास्तविक पहचान और घर-परिवार के बारे में किसी को जानकारी नहीं थी। मजखाली चौकी प्रभारी एसआई विनोद फर्त्याल ने व्यक्ति को चौकी लाकर धैर्यपूर्वक पूछताछ की। साथ ही नेटग्रिड पोर्टल के माध्यम से भी उसकी पहचान का प्रयास किया गया, लेकिन मामला काफी पुराना होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी।

पूछताछ के दौरान पुलिस ने व्यक्ति को लिखने के लिए डायरी दी। उसने उसमें केवल “राजेपुर” शब्द लिखा। पुलिस ने इसी सुराग को आधार बनाकर उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद स्थित थाना राजेपुर से संपर्क किया। फोटो सत्यापन और अन्य जानकारियों के मिलान के बाद चार दिन के भीतर उसकी पहचान श्याम सिंह (51) पुत्र फेरू सिंह, निवासी ग्राम राजेपुर राठौड़ी, थाना राजेपुर, जनपद फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई।

बुधवार को श्याम सिंह का पुत्र अमित सिंह और अन्य परिजन मजखाली चौकी पहुंचे। उन्होंने बताया कि मानसिक स्थिति बिगड़ने के बाद श्याम सिंह करीब दस वर्ष पहले घर से लापता हो गए थे। लंबे समय तक तलाश करने के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। करीब एक दशक बाद श्याम सिंह को सकुशल सामने देखकर परिजन भावुक हो उठे। उन्होंने अल्मोड़ा पुलिस और उत्तराखंड पुलिस की संवेदनशील कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। पुलिस की इस मानवीय पहल से वर्षों से बिछड़ा एक परिवार फिर से एक हो सका।

