
सल्ट के डभरा सौराल में बाघ के हमले का विरोध पड़ा महंगा, हाईवे चक्काजाम करने पर नौ पर मुकदमा।
भतरौंजखान। सल्ट क्षेत्र के डभरा सौराल गांव के तोक घोड़ीधार में बाघ के हमले में 22 वर्षीय नवविवाहिता शालू की मौत के विरोध में मोहान तिराहे पर किए गए चक्काजाम के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। भतरौंजखान थाना पुलिस ने कांग्रेस नेता समेत नौ लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और बिना अनुमति राष्ट्रीय व राज्य राजमार्ग अवरुद्ध करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार, भतरौंजखान थाना प्रभारी अवनीश कुमार की ओर से दर्ज कराई गई तहरीर में बताया गया है कि बुधवार सुबह कांग्रेस नेता नारायण सिंह रावत ने समर्थकों के साथ मोहान तिराहे पर सांकेतिक चक्काजाम का आह्वान किया था। सुबह करीब 11:10 बजे वह समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और 11:27 बजे प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग तथा स्टेट हाईवे के बीच सड़क पर बैठकर यातायात रोक दिया।

पुलिस का कहना है कि बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के किए गए इस प्रदर्शन के कारण करीब 33 मिनट तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। इससे चारधाम यात्रा, रामनगर, पौड़ी और रानीखेत की ओर जाने वाले सैकड़ों यात्री जाम में फंस गए। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और गर्भवती महिलाएं भी शामिल थीं। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई और सरकारी कार्य में भी बाधा पहुंचाई गई।

एसओ अवनीश कुमार ने बताया कि इस मामले में पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत, घनानंद शर्मा, देवेंद्र रावत, मनीष कुमार, ललित उप्रेती, सुनील टम्टा, बिशन दत्त शर्मा, प्रेम राम और चंद्र सिंह रावत के खिलाफ भतरौंजखान थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
