Ranikhetnews

रानीखेत जिले की दशकों पुरानी मांग को लेकर फिर एकजुट हुए रानीखेत वासी, राज्य स्थापना दिवस पर जिले की घोषणा की मांग, मशाल जुलुस निकालने और आंदोलन की चेतावनी।

रानीखेत जिले की दशकों पुरानी मांग को लेकर फिर एकजुट हुए रानीखेत वासी, राज्य स्थापना दिवस पर जिले की घोषणा की मांग, मशाल जुलुस निकालने और आंदोलन की चेतावनी।

रानीखेत जिले की दशकों पुरानी मांग को लेकर रानीखेत वासी एक बार फिर एकजुट होकर संघर्ष की राह पर चल दिए हैं। प्रदेश के मुखिया पुष्कर धामी के नाम से आज एक ज्ञापन संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से भेजा गया और राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर जिला निर्माण की घोषणा करने की मांग की गई। साथ ही मांग ना माने जाने पर आंदोलन की चेतावनी भी गई। समिति ने 7 नवंबर को मशाल जुलुस निकालने की घोषणा भी की है।

रानीखेत विकास समिति के बैनर तले दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ० रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ जी द्वारा प्रदेश के हित में कई नए जिलों की घोषणा की गई थी, जिनमें रानीखेत का नाम भी शामिल था। यह घोषणा उस समय रानीखेत की जनता के लिए एक ऐतिहासिक क्षण थी, लोगों ने इसे नए युग की शुरुआत के रूप में देखा था।

ज्ञापन में कहा गया है कि किन्तु दुःख का विषय है कि पिछले 14 वर्षों से रानीखेत की जनता उस सपने के साकार होने की प्रतीक्षा कर रही है। बार-बार उम्मीदें जागी, पर हर बार निराशा ही हाथ लगी। जनता के मन में आज भी वही प्रश्न है “आखिर हमारा जिला कब बनेगा?”

माननीय मुख्यमंत्री जी, अब जबकि उत्तराखंड राज्य अपनी रजत जयंती मनाने जा रहा है, यह अत्यंत उपयुक्त समय है कि प्रदेश अपने उन अधूरे संकल्पों को पूरा करे, जिनमें नए जिलों का गठन भी शामिल है। रानीखेत का जिला बनना केवल प्रशासनिक सुविधा का विषय नहीं, बल्कि यह जनता की भावनाओं, अस्मिता और वर्षों की प्रतीक्षा का प्रतीक है।

रानीखेत क्षेत्र भौगोलिक, ऐतिहासिक तथा रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है और स्वतंत्र जिले के रूप में पूर्णतः सक्षम है। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि प्रदेश की जनभावनाओं, प्रशासनिक सुगमता तथा समान विकास को ध्यान में रखते हुए, पूर्व में घोषित जिलों विशेषकर रानीखेत जिले को शीघ्रातिशीघ्र अस्तित्व में लाने की कृपा करें।

ज्ञापन में कहा गया है कि यदि लंबे समय से लंबित यह जनभावना पुनः उपेक्षित रही, तो रानीखेत की जनता अपने अधिकार और सम्मान की रक्षा हेतु आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। यह आंदोलन रानीखेत विकास समिति के तत्वावधान में शांतिपूर्ण, किंतु दृढ़ संकल्प के साथ किया जाएगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top