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” शिक्षक ‘बीमार मुर्गों की तरह’ स्कूल पहुंचते हैं और स्कूल पहुंचने पर इनकी नींद खुलती हैं” फरियादी ने लगाया आरोप, जिलाधिकारी ने 8 किलोमीटर के अंदर निवास करने का दिया निर्देश।

” शिक्षक ‘बीमार मुर्गों की तरह’ स्कूल पहुंचते हैं और स्कूल पहुंचने पर इनकी नींद खुलती हैं” फरियादी ने लगाया आरोप, जिलाधिकारी ने 8 किलोमीटर के अंदर निवास करने का दिया निर्देश।

टिहरी जिले के कीर्तिनगर में आयोजित तहसील दिवस के दौरान एक फरियादी ने आरोप लगाया कि अध्यापक ‘बीमार मुर्गों की तरह’ स्कूल पहुंचते हैं और स्कूल पहुंचने पर इनकी नींद खुलती हैं.फरियादी का कहना था कि शिक्षक लम्बी दूरी तय कर स्कूल पहुंचते हैं और अपनी हाजरी लगाकर कुछ देर में चले जाते हैं जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है.

मामले को गंभीरता से लेते हुए टिहरी जिलाधिकारी निकिता खंडेलवाल ने फरियादी की शिकायत पर सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को लेकर बड़ा निर्देश जारी किया है. अब सरकारी शिक्षक संबंधित विद्यालय के आठ किलोमीटर के दायरे में ही निवास करेंगे. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया कि इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर अनुपालन सुनिश्चत कराया जाए।

हल्द्वानी से खैरना तक आते हैं कई शिक्षक :

हम आपको बता दें कि स्कूल से 8 किलोमीटर के अंदर शिक्षकों के निवास करने का नियम पहले से बना हुआ है, लेकिन शिक्षा विभाग और प्रशासन इस नियम को अनदेखा करता रहा है। कई स्कूलों की हालत ये हैं कि कई शिक्षक स्कूल आने के लिए 70 से 80 किलोमीटर और इतनी ही दूरी शाम को वापस जाने के लिए तय करते हैं। जिला नैनीताल के खैरना गरमपानी और रानीखेत की तरफ के स्कूल के कई शिक्षक प्रतिदिन हल्द्वानी से स्कूल अप डाउन करते हैं। लेकिन शिक्षक संघों के दबाव और अधिकारीयों की लापरवाही के चलते 8 किलोमीटर के अंदर निवास करने का नियम लागू नहीं हो पाया है।

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