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रानीखेत आने वाले पर्यटकों को वाया रामगढ भेजने का होटल एसोसिएशन ने किया विरोध।

रानीखेत आने वाले पर्यटकों को वाया रामगढ भेजने का होटल एसोसिएशन ने किया विरोध।

रानीखेत। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष हिमांशु उपाध्याय ने प्रशासन से आग्रह करते हुए कहा है कि रानीखेत-हल्द्वानी मार्ग से आने वाले पर्यटकों व आम नागरिकों को जबरन भवाली-रामगढ़-मुक्तेश्वर मार्ग से भेजा जा रहा है, जिससे यात्रा लगभग 80 किलोमीटर लंबी हो जाती है और यात्रियों को समय, ईंधन व वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।

प्रतीकात्मक चित्र

उपाध्याय ने बताया कि यह वैकल्पिक मार्ग मुख्य मार्ग की तुलना में काफी अधिक लंबा है और इस व्यवस्था के कारण स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों व यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि ऐसी अव्यवस्था से कुमाऊं के पर्यटन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

एसोसिएशन ने यह भी कहा कि रानीखेत व अल्मोड़ा सीधे जाने वाले पर्यटकों को रोकना गलत है। साथ ही कैंची धाम, भवाली आदि स्थलों पर दर्शन के बाद लौटने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्पष्ट व अलग व्यवस्था न होना भी चिंता का विषय है। उपाध्याय ने मांग की कि जिन श्रद्धालुओं को सिर्फ दर्शन कर वापस लौटना है, उनके लिए सुगम व्यवस्था बनाई जाए ताकि मुख्य मार्ग पर अनावश्यक दबाव न पड़े।

हिमांशु उपाध्याय ने प्रशासन से मांग की है कि नैनीताल व अल्मोड़ा जिला प्रशासन तत्काल प्रभाव से यह सुनिश्चित करे कि रानीखेत व अल्मोड़ा सीधे जाने वाले वाहनों को मुख्य मार्ग से गुजरने दिया जाए। उन्होंने कहा कि कैंची बाईपास के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और इसे शीघ्र जनता के लिए खोला जाए। साथ ही यातायात पुलिस को निर्देश दिए जाएं कि वे पर्यटकों के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं और उन्हें अनावश्यक लंबी रूट पर न भेजा जाए।

होटल एसोसिएशन ने आगाह किया कि कुमाऊं क्षेत्र का पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था के लिये महत्वपूर्ण है और यदि यातायात संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो इससे पर्यटकों में गलत संदेश जाएगा तथा क्षेत्र के पर्यटन पर दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

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