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धनगड़ी पुल के उद्घाटन से सामने आई भाजपा की गुटबाजी, अंतिम समय में अनिल बलूनी को दी गई सूचना, बलूनी ने जताई नाराज़गी।

धनगड़ी पुल के उद्घाटन से सामने आई भाजपा की गुटबाजी, अंतिम समय में अनिल बलूनी को दी गई सूचना, बलूनी ने जताई नाराज़गी।

कुमाऊँ- गढ़वाल को मैदानी क्षेत्र को जोड़ने वाले धनगढ़ी नाले पर बहुप्रतीक्षित गार्डर सेतु का उद्घाटन बीते रोज़ 5 जुलाई को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कर दिया है। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक रामनगर दिवान सिंह बिष्ट, विधायक रानीखेत डॉ. प्रमोद नैनवाल, विधायक सल्ट महेश जीना उपस्थित रहे। लेकिन इस पुल के उद्घाटन ने भाजपा के अंदर चल रही गुटबाजी को सामने लाकर रख दिया है।

दरअसल इस पुल के निर्माण के लिए भाजपा सांसद अनिल बलूनी ने भरसक प्रयास किये थे। इस पुल के निर्माण के लिए वह 2019 में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिले और उनके प्रयासों से ही ये पल साकार रूप ले पाया है। लेकिन जब पल का उद्घाटन हुआ तब उनको उद्घाटन से चन्द घंटे पहले ही सूचना दी गयी। जबकि वह इस समय क्षेत्रीय सांसद है, और उनको कार्यक्रम की सूचना सबसे पहले दी जानी चाहिए थी। इससे पहले भी रामनगर या कोटद्वार क्षेत्र के कई कार्यक्रमों में भी अनिल बलूनी को अनदेखा करने और बैनर पोस्टर से भी गायब करने की कई घटनाए सामने आ चुकी है।

गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने रामनगर के धनगढ़ी नाले पर बने NH-121 पुल के लोकार्पण कार्यक्रम की सूचना देरी से दिए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। सूत्रों के अनुसार सांसद ने राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर महेंद्र कुमार से भी अपने गुस्से का इजहार किया। सूत्रों ने बताया कि सांसद को उद्घाटन कार्यक्रम के बारे में केवल कुछ घंटे पहले ही सूचित किया गया, जिसके कारण वे अपने “ड्रीम पुल” के लोकार्पण समारोह में शामिल नहीं हो सके। यह कार्यक्रम रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया था। बलूनी ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम की जानकारी समय पर न भेजने से उन्हें समारोह में शामिल होने का मौका छिन गया।

बताया गया है कि नाराजगी के चलते सांसद संसद के माध्यम से PWD-NH अधिकारियों को विशेषाधिकार हनन (privilege) का नोटिस भेजने पर विचार कर सकते हैं। बलूनी के रुख से PWD-NH प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है और अधिकारियों के बीच गहमागहमी बढ़ गई है। परिषद सदस्य अनिल बलूनी की यह पहल किसी साधारण हित की नहीं है; बलूनी ने चार लोगों के बह जाने के बाद केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर धनगढ़ी नाले पर पुल बनाने की मांग उठाई थी। इसी मांग पर साल 2019 में पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था।

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