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रामनगर रानीखेत रोड पर सड़क धंसी तो खाई में जा गिरा डंपर, चौखुटिया निवासी वाहन चालक की मौत। कई साल पहले पिता ने भी हादसे में गंवाई थी जान . मार्ग की बदहाली पर फिर उठे सवाल, हादसे के बाद चौड़ीकरण की मांग ने पकड़ा जोर।

रामनगर रानीखेत रोड पर सड़क धंसी तो खाई में जा गिरा डंपर, चौखुटिया निवासी वाहन चालक की मौत। कई साल पहले पिता ने भी हादसे में गंवाई थी जान . मार्ग की बदहाली पर फिर उठे सवाल, हादसे के बाद चौड़ीकरण की मांग ने पकड़ा जोर।

रानीखेत। रामनगर-रानीखेत मार्ग की बदहाल स्थिति रविवार सुबह एक बार फिर हादसे का कारण बन गई। कुमेरिया और सौराल के बीच सड़क का हिस्सा धंसने से एक डंपर अनियंत्रित होकर पहाड़ी से नीचे खाई में जा गिरा। हादसे में डंपर चालक वाहन और पेड़ के बीच बुरी तरह दब गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चालक के शव को निकालने के लिए रेस्क्यू टीम ने कटर मंगवाकर वाहन को काटने की कार्रवाई की। सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान चलाया।

भतरौजखान थाने के एसओ अवनीश कुमार ने बताया कि रविवार सुबह हादसे की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू कराया। मृतक की पहचान जसवंत सिंह (पुत्र गोपाल सिंह), निवासी गजार, तहसील चौखुटिया, जिला अल्मोड़ा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। हादसे के वास्तविक कारणों की भी जांच की जा रही है।

चौखुटिया के गजार निवासी 36 वर्षीय युवा चालक जसवंत सिंह उर्फ गुड्डू की डंपर हादसे में मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जा रहा है कि कई वर्ष पहले उनके पिता गोपाल सिंह की भी इसी तरह सड़क हादसे में मौत हो गई थी। अब बेटे की भी दुर्घटना में जान चले जाने से परिवार पर दोहरी त्रासदी आ गई है। गुड्डू की मौत की खबर से गांव में भी शोक की लहर है।

सड़क धंसने के निशान मिले

स्थानीय लोगों के अनुसार हादसे की मुख्य वजह सड़क की बदहाल स्थिति बताई जा रही है। हादसे वाली जगह पर डंपर के पहियों से सड़क धंसने के स्पष्ट निशान दिखाई दिए हैं। बताया जा रहा है कि सड़क का हिस्सा धंसने से डंपर का संतुलन बिगड़ा और वह अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। हालांकि हादसे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

हादसे वाली जगह पर डंपर के पहियों से सड़क धंसने के स्पष्ट निशान दिखाई दिए हैं।

रामनगर-रानीखेत मार्ग लंबे समय से बदहाली का दंश झेल रहा है। मार्ग कई स्थानों पर बेहद संकरा होने के साथ ही जगह-जगह गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण जर्जर हालत में है। सड़क चौड़ी न होने से बड़े वाहनों के आवागमन में भी चालकों को परेशानी होती है। स्थानीय लोग लंबे समय से मार्ग के चौड़ीकरण और सुधार की मांग उठाते रहे हैं। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रामनगर-रानीखेत मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर सरकारों और जनप्रतिनिधियों की ओर से समय-समय पर आश्वासन दिए जाते रहे हैं, लेकिन धरातल पर समस्या जस की तस बनी हुई है। मार्ग पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। रविवार को डंपर हादसे में चालक की मौत ने एक बार फिर सड़क की सुरक्षा और लंबे समय से लंबित चौड़ीकरण के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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