
कदली वृक्षों की शोभायात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, रानीखेत में शुरू हुआ 137वां नंदा देवी महोत्सव, 19 सितंबर को होगी प्राण प्रतिष्ठा।
रानीखेत। रानीखेत में मां नंदा-सुनंदा महोत्सव की धूम शुरू हो गई है। 137 वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत मंगलवार को मां नंदा-सुनंदा के स्वरूप कदली वृक्षों की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और छोलिया नृत्य के बीच निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इससे पूरा नगर भक्तिमय नजर आया।

राय एस्टेट स्थित विमल भट्ट के माधव कुंज निवास परिसर में पूजा-अर्चना के बाद कदली वृक्षों को शोभायात्रा के रूप में नंदा देवी मंदिर लाया गया। महिलाओं ने भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं ने मां नंदा-सुनंदा के जयकारे लगाए। बाजार के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने श्रद्धा के साथ शोभायात्रा का स्वागत किया।

16 से 18 सितंबर तक मां नंदा-सुनंदा की मूर्ति का निर्माण किया जाएगा। 19 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त में प्राण प्रतिष्ठा के बाद दोपहर 12 बजे हवन होगा। महोत्सव के दौरान विद्यालयी विद्यार्थियों के लिए समूह लोकनृत्य, चित्रकला और कैरम प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। 20 सितंबर को शगुन आंखर एवं मंगल गीत, 21 सितंबर को उत्तराखंडी व्यंजन और 22 सितंबर को महिलाओं की झोड़ा प्रतियोगिता होगी। झोड़ा प्रतियोगिता जूनियर और सीनियर वर्ग में आयोजित की जाएगी। महोत्सव का समापन 23 सितंबर को मां नंदा-सुनंदा की विशाल विदाई शोभायात्रा के साथ होगा।

शोभायात्रा में विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, पूर्व विधायक करन माहरा, दर्जा राज्यमंत्री गंगा बिष्ट, भाजपा नेता दीप पांडे, जिला पंचायत सदस्य शांति उप्रेती, नगर पालिका अध्यक्ष अरुण रावत, मोहन नेगी , हीरा रावत, गौरव भट्ट, हरीश लाल साह, भुवन साह,विमल सती ,मुकेश साह, किरन लाल साह, अनिल वर्मा अंशुल साह, अमित रावत, मुकेश साह, जगदीश अग्रवाल, प्रमोद कांडपाल, यतीश रौतेला, विनीत चौरसिया, मोहित साह, जगदीश बिष्ट, पंकज जोशी, गोपाल देव, पीयूष साह, जयंत रौतेला समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समिति पदाधिकारी और नगरवासी मौजूद रहे।

