
सरकारी जमीनों को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, दीपक किरौला बोले- बेशकीमती संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी
रानीखेत। कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक किरौला ने सरकारी जमीनों और संपत्तियों को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। प्रेस नोट जारी कर उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी विभागों की बेशकीमती जमीनों और संपत्तियों को लीज और पीपीपी मॉडल के माध्यम से निजी हाथों में सौंपने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) के माध्यम से सरकारी भूमि को निवेश परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।

किरौला ने कहा कि कांग्रेस पूर्व में करीब सात हजार बीघा सरकारी भूमि को दीर्घकालीन लीज पर दिए जाने की आशंका जता चुकी है। हालांकि, राज्य सरकार ने इन आरोपों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए कहा है कि यूआईआईडीबी के पास फिलहाल 45 एकड़ भूमि उपलब्ध है और 90 वर्ष की लीज दिए जाने की बात भी सही नहीं है। उन्होंने मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट का हवाला देते हुए कहा कि करीब 142 एकड़ भूमि और वहां विकसित पर्यटन सुविधाओं को 15 वर्ष के लिए निजी संचालक को दिए जाने से सार्वजनिक संपत्तियों के उपयोग को लेकर सवाल उठते हैं।
किरौला ने कहा कि सरकारी जमीन जनता की धरोहर है। इसलिए इसके लीज, हस्तांतरण या पीपीपी मॉडल पर दिए जाने में पारदर्शिता, उचित मूल्यांकन और जनहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच उठाएगी और सरकार से मांग करेगी कि स्पष्ट किया जाए कि कौन-सी भूमि किस संस्था को, कितनी अवधि और किन शर्तों पर दी जा रही है।
