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स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में फिर एक महिला की जान गयी, पूरे पहाड़ में कही नहीं है सरकारी ह्रदय रोग विशेषज्ञ।

स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में फिर एक महिला की जान गयी, पूरे पहाड़ में कही नहीं है सरकारी ह्रदय रोग विशेषज्ञ।

भिकियासैण में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर एक बार फिर क्षेत्रवासियों ने गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े किये हैं। एक महिला शिक्षिका को समय से इलाज ना मिल पाने पर अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। जिसके बाद क्षेत्र में नागरिको में आक्रोश व्याप्त है। वही स्वास्थ्य सेवाओं क लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच – बजे भिकियासैंण निवासी 55 वर्षीय मीना उप्रेती को नहाते समय अचानक दिल का दौरा पड़ गया। स्वजन उन्हें सुबह छह बजे सीएचसी भिकियासैंण ले गए। आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई डाक्टर मौजूद नहीं था। बाद में एक चिकित्सक द्वारा उनका प्राथमिक उपचार किया गया। जिसके बाद परिजन 108 आपातकालीन सेवा से मीना को लेकर स्वजन हल्द्वानी रवाना हुए, लेकिन भिकियासैंण से करीब चार किलोमीटर दूर पहुंचने पर हालत और बिगड़ गई। जिसके बाद महिला ने दम तोड़ दिया।

हम आपको बता दें कि हृदय का इलाज अभी तकं कुमाऊं के किसी भी सरकारी अस्पताल में नहीं हैं। यहां तक कि कुमाऊँ के सबसे बड़े शहर हल्द्वानी के सरकारी अस्पताल में भी कोई ह्रदय रोग विशेषज्ञ नहीं है। जिस कारण अटैक पड़ने पर कोई निजी चिकित्सक तक पहुंच जाए तभी जान बच सकती है अन्यथा
कुमाऊँ के लोगो को अक्सर अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है।
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वही इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अल्मोड़ा डा. प्रवीण कुमार का कहना है कि शिक्षिका गंभीर हालत में अस्पताल लाई गईं। चिकित्सक ने उनका प्राथमिक उपचार किया। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण उन्हें रेफर कर दिया गया। रास्ते में शिक्षिका की मौत हुई है।

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