
NICU के उद्घाटन के अगले दिन ही बच्चे को करना पड़ा रेफर, पूर्व ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत ने व्यवस्था पर उठाये सवाल।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख हीरा सिंह रावत ने गोविंद माहरा राजकीय चिकित्सालय में एनआईसीयू मशीन की स्थापना के बाद भी एक नवजात बच्चे को रेफेर करने पर चिंता व्यक्त करते हुए अस्पताल और सरकार पर सवाल खड़े किये हैं। उन्होंने कहा आज ही हमारी छोटी बहन पूजा बेलवाल ने रानीखेत में नवजात को जन्म दिया, परंतु समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा न मिल पाने के कारण शिशु को रेफर करना पड़ा। यह घटना केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की खामियों का आईना है।

उन्होंने कहा कि यह NICU की स्थापना इलाके के नवजात शिशुओं और माताओं के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है, परंतु तब तक इसका वास्तविक लाभ नहीं मिलेगा जब तक प्रशिक्षित तकनीशियन और पर्याप्त चिकित्सा संसाधन उपलब्ध न हों।
हीरा रावत ने कहा कि अस्पताल में एनआईसीयू स्थापना के प्रयासों पर गर्व है, फिर भी मशीनों की उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए समुचित प्रशिक्षण, स्टाफ और समर्पित देखभाल जरूरी है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि पिछले कुछ वर्षों में अस्पताल में करोड़ों की डिजिटल एक्स-रे मशीन, मोर्चरी के लिए डीप फ्रिज और अन्य महंगे उपकरण आए, पर कई सुविधाएँ या तो अनुपयोगी पड़ी हैं या पूरी तरह सक्रिय नहीं हैं। यह केवल उपकरणों के निष्क्रिय रहने का मामला नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के मूल उद्देश्य से जुड़ा गंभीर प्रश्न भी है।
रावत ने कहा कि नवजात शिशुओं के जीवन के प्रारम्भिक घंटे अत्यंत नाजुक होते हैं और उस समय सही व त्वरित चिकित्सा जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय कर सकती है। उन्होंने एक मौलिक उदाहरण देते हुए बताया कि हाल ही में रानीखेत में श्रीमती पूजा बेलवाल ने नवजात को जन्म दिया, पर समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की अनुपलब्धता के कारण शिशु को रेफर करना पड़ा। रावत ने यह घटना सिर्फ एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य प्रणाली की खामियों का आइना बताया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि समस्या केवल उपकरण उपलब्ध कराने से हल नहीं होगी। उपकरण तभी जीवनरक्षक बनते हैं जब उन्हें चलाने के लिए प्रशिक्षित व अनुभवी स्टाफ, योग्य चाइल्ड स्पेशलिस्ट/निओनैटोलॉजिस्ट, प्रशिक्षित नर्सें, आपातकालीन परिवहन व्यवस्था और नियमित रखरखाव उपलब्ध हों। अन्यथा एनआईसीयू भी केवल नाम के लिए ही रह जाएगी। रावत ने मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक से अति शीघ्र एक चाइल्ड स्पेशलिस्ट की नियुक्ति तथा अस्पताल की सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को कागजों से उतार कर जमीन पर सक्रिय करने की मांग की।
