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बागेश्वर : गुमशुदा अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार की हत्या का खुलासा, महिला समेत दो गिरफ्तार, महिला के साथ जबरदस्ती करने पर सिर पर वार कर हुई हत्या।

बागेश्वर : गुमशुदा अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार की हत्या का खुलासा, महिला समेत दो गिरफ्तार, महिला के साथ जबरदस्ती करने पर सिर पर वार कर हुई हत्या।

बागेश्वर। करीब 17 दिनों से लापता अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार उर्फ कक्कू (35) की गुमशुदगी का मामला आखिरकार हत्या में तब्दील निकला। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, महिला ने कथित तौर पर घर में घुसकर जबरदस्ती करने के प्रयास के दौरान बचाव में लोहे की रॉड से धीरेंद्र के सिर पर दो वार किए थे। इसके बाद अपने भाई की मदद से शव को कार में ले जाकर गोमती नदी में फेंक दिया। मंगलवार शाम पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नदी से शव बरामद कर लिया।

पुलिस कप्तान बागेश्वर के अनुसार, 31 अक्टूबर को धीरेंद्र की मां नंदी परिहार पत्नी गोविंद सिंह निवासी तल्ली बाजार, बागनाथ वार्ड ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि उनका पुत्र 17 अक्टूबर की शाम करीब छह बजे बागेश्वर बाजार जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इस पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही पोस्टर चस्पा किए और मोबाइल सर्विलांस के जरिए धीरेंद्र की तलाश शुरू की। तकनीकी जांच में सामने आया कि धीरेंद्र की एक मोबाइल नंबर पर लगातार बातचीत होती थी और गुमशुदगी वाले दिन भी उसकी आखिरी बातचीत इसी नंबर पर हुई थी। जांच में यह नंबर नुमाइशखेत निवासी लता भंडारी (42) का निकला।

शुरुआत में पूछताछ के दौरान महिला ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया। इस बीच पुलिस को दो नवंबर को धीरेंद्र की जूपिटर स्कूटी नुमाइशखेत स्थित चिल्ड्रन पार्क के पास खड़ी मिली। क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की जांच में 19 अक्टूबर की देर रात महिला की कार संदिग्ध परिस्थितियों में आती-जाती दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने महिला से दोबारा गहन पूछताछ की, जिसमें पूरे मामले का खुलासा हुआ।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में महिला ने बताया कि 17 अक्टूबर की रात धीरेंद्र कथित तौर पर अत्यधिक शराब के नशे में उसके घर पहुंचा था। वहां उसने कथित रूप से जबरदस्ती करने का प्रयास किया। महिला के विरोध के बावजूद वह नहीं माना तो गुस्से और बचाव में उसने घर में रखी लोहे की रॉड से उसके सिर पर दो वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से धीरेंद्र वहीं गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। इसके बाद महिला ने शव को अपनी चारपाई के नीचे छिपा दिया।

अगली सुबह महिला ने अपने भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू (39) निवासी कठायतबाड़ा को घटना की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, रात में दोनों ने मिलकर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। इसके बाद महिला की मैग्नाइट कार संख्या UK02B-3843 की पिछली सीट पर शव रखकर बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग पर थुनाई बैंड के पास से गोमती नदी में फेंक दिया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर सर्च अभियान चलाकर तीन नवंबर की शाम नदी के पास से सड़ी-गली अवस्था में शव बरामद किया। साथ ही हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड और शव ले जाने में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली। मामले में पहले दर्ज मुकदमे को हत्या, साक्ष्य मिटाने और अन्य संबंधित धाराओं में तरमीम कर दिया गया है।

पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों लता भंडारी (42) और त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू (39) को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की। शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है।

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