
रानीखेत में जर्जर खस्ता हाल भवन में पढ़ने को मजबूर नौनिहाल, शासन प्रशासन नहीं ले रहा सुध।
रानीखेत के निकटवर्ती कारचूली में प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर हालत में पहुंच चुका है लेकिन सरकार इस तरफ अपनी आँखे बंद करके बैठी है। हालत ये हो गई है कि भवन किसी भी समय गिर सकता है और बच्चो की जान पर बन सकती है। इस भवन के पुनर्निर्माण के लिए ग्राम प्रधान कारचूली शांति देवी ने प्रशासन को पत्र लिखकर धनराशि जारी करवाने की मांग की है।

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नारायण बिष्ट ने रानीखेत न्यूज़ को जानकारी देते हुए बताया कि भवन की खस्ता हालात को देखते हुए पूर्व में यहाँ पढ़ने वाले बच्चो को पास के अन्य स्कूलों में भेज दिया गया था, लेकिन छोटे बच्चो के लिए दूरी बहुत अधिक होने से बच्चो का स्कूल में आना जाना संभव नहीं हो पा रहा था, जिस कारण 2024 में इस भवन में दोबारा विद्यालय शुरू करवाया गया। साथ ही विभाग से भी इस भवन के पुनर्निर्माण की मांग भी की गई।

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नारायण बिष्ट बताते है कि उसके बाद से विभाग ने इस पर कोई कार्यवाई नहीं की। जिसके बाद अब उन्होंने संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत से एक माह पूर्व इस भवन के लिए धनराशि जारी करवाने की मांग की है। लेकिन वहां से भी अभी तक कोई उत्तर नहीं मिल पाया है। उन्होंने बच्चो के लिए खतरा बताते हुए सरकार से इस भवन के पुनर्निर्माण की मांग की है।

