
रानीखेत के नरेश चंद्र डोबरियाल ने एशिया की सबसे कठिन 113 किलोमीटर की मैराथन में 50+ आयु वर्ग में जीता दूसरा स्थान।
20 अप्रैल 2026: भारतीय सेना और उत्तराखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सूर्या देवभूमि चेलेंज 2.0 में देशभर से 300 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। एशिया की सबसे कठिन दौड़ में शामिल इस प्रतियोगिता में रानीखेत के नरेश चंद्र डोबरियाल ने 50+ आयु वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने ये दूरी 21 घंटे 20 मिनट में पूरी की। इस चुनौतीपूर्ण अल्ट्रा मैराथन में प्रतिभागियों को 12,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर तीन दिनों में कुल 113 किलोमीटर दौड़ना था, पहले दिन 36 किमी, दूसरे दिन 39 किमी और तीसरे दिन 38 किमी की दौड़ पूरी करनी थी।

“सूर्या देवभूमि चेलेंज” उत्तराखंड में भारतीय सेना द्वारा आयोजित एक उच्च‑ऊँचाई वाली ट्रेल‑मार्ग आधारित अल्ट्रा‑मैराथन या धीरज‑प्रधान साहसिक दौड़ का नाम है, जो बद्रीनाथ–केदारनाथ ट्रेल (बद्री‑केदार ट्रेल) के माध्यम से चर‑धाम परिदृश्य को पर्यटन और राष्ट्रीय भावना से जोड़ता है। दौड़ की शुरुआत हेलांग से गलगोट मंडल तुंगनाथ होते हुए हुई और समापन उखीमठ में हुआ। कुल दूरी में मात्र 22 किलोमीटर सड़क पर था, बाकी जंगलों, पहाड़ों और 7 किलोमीटर ग्लेशियर पर।
पुरस्कार वितरण समारोह श्रीनगर गढ़वाल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सेना के आर्मी कमांडर की उपस्थिति में संपन्न हुआ। यह आयोजन उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय क्षेत्र (चमोली व रुद्रप्रयाग जिलों) में बद्री‑केदार ट्रेल पर 16 से 20 अप्रैल 2026 के बीच हुआ। आयोजन का शुभारंभ बद्रीनाथ में भारतीय सेना के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने हरी झंडी दिखाकर किया।
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