
SIR शुरू होने से पहले उत्तराखंड में 4.53 लाख वोटर्स लिस्ट से बाहर, 9 लाख की मैपिंग अभी भी अधूरी
उत्तराखांड — राज्य में 29 मई से शुरू हो रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से पहले ही मतदाता सूची में बड़ा परिवर्तन दर्ज किया गया है। मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 4,53,459 कम होकर जनवरी 2025 में दर्ज 84,29,459 से घटकर करीब 79,76,000 रह गई है।

चुनाव अधिकारियों ने बताया कि यह कमी अनुपस्थित मतदाता, विस्थापित तथा मृतक मतदाताओं के नाम हटाने और डुप्लीकेशन (कई स्थानों पर एक ही नाम) के कारण आई है। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि यह बदलाव वेरिफिकेशन प्रक्रिया का परिणाम है और रिकॉर्ड की विश्वसनीयता तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने बताया कि 2003 के बाद इतनी व्यापक पद्धति से विशेष गहन संशोधन (SIR) नहीं किया गया था, जिसके कारण उन मतदाताओं के नाम जो मर चुके थे या किसी अन्य स्थान पर चले गए थे, सूची में बने रहते थे।
डॉ. जोगदंडे ने कहा कि वर्षभर चले एडवांस डुप्लीकेशन सॉफ्टवेयर और गहन जांच के माध्यम से मतदाताओं की संख्या घटाई गई। रिपोर्ट के अनुसार अब तक लगभग 70 लाख मतदाताओं का सफलतापूर्वक मैपिंग किया जा चुका है, लेकिन करीब 9,76,000 मतदाताओं के 2003 के एनरोलमेंट रिकॉर्ड का वेरिफिकेशन अभी बाकी है।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान इन शेष रिकॉर्डों से जुड़े मतदाताओं को एक फॉर्म जारी किया जाएगा, जिसमें उनके 2003 के मूल पंजीकरण संबंधी जानकारी मांगी जाएगी। यदि प्रदान की गई जानकारी संतोषजनक नहीं पाई जाती है या कोई उत्तर नहीं मिलता है, तो उनके नाम हटाने से पहले औपचारिक नोटिस जारी किया जाएगा। चुनाव अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान नए मतदाताओं का नामांकन जारी रहेगा। जिन नागरिकों के पास अभी तक मतदाता पहचान पत्र नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर अपनी नामांकन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
