
रानीखेत में गर्मायी सियासत : अब कांग्रेस ने विश्व हिन्दू परिषद् को तथ्यों पर राजनीती करने की दी नसीहत, कहा – करन माहरा ने 90 से अधिक मंदिरों के कराये विकास कार्य।
मानसून पहुंचने के बाद भले ही तपती गरमी से कुछ राहत मिली हो लेकिन रानीखेत का राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ते ही जा रहा है। कांग्रेस ने विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि धार्मिक आस्था के नाम पर बयानबाज़ी के स्थान पर तथ्यों को सामने रखा जाना चाहिए। रानीखेत कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने अपने विधायक कार्यकाल में रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में 90 से अधिक मंदिर, धूणियाँ और धार्मिक स्थलों में निर्माण, जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण तथा अन्य विकास कार्य कराए, जिनके विस्तृत अभिलेख उनके पास मौजूद हैं।

कांग्रेस ने घटनाओं के ठोस उदाहरण भी दिए। पार्टी ने कहा कि इन कार्यों में श्री पंचेश्वर महादेव मंदिर, मां नन्दा देवी मंदिर, नीलकंठ मंदिर, महर्षि वाल्मीकि मंदिर (कीलघर, लालकुर्ती व चौबटिया), ग्राम ऐरोली व एरोड़ की धूणियाँ, लोधीयाखान मंदिर में निजी व्यय से भवन निर्माण तथा ग्राम सभा खनिया के गोल्ज्यू मंदिर व धूणी शामिल हैं। कांग्रेस ने कहा कि यदि किसी को संदेह है तो वह पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने को तैयार है।
कांग्रेस कमेटी ने विश्व हिन्दू परिषद से सवाल पूछा कि उसने रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में कितने मंदिरों, धूणियों या धार्मिक स्थलों के निर्माण-जीर्णोद्धार या अन्य विकास कार्य किए हैं और यदि किए हैं तो उनकी सूची भी सार्वजनिक की जाए, ताकि जनता दोनों पक्षों के दावों का निष्पक्ष मूल्यांकन कर सके।
पार्टी ने यह भी कहा कि वर्तमान में प्रदेश में भाजपा सरकार और रानीखेत में भाजपा के विधायक हैं, इसलिए विकास कार्यों की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की है। कांग्रेस का आरोप है कि अपनी विफलताओं का ठीकरा विपक्ष पर फोड़ना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। रानीखेत कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया कि भगवान श्रीराम सम्पूर्ण राष्ट्र की आस्था के प्रतीक हैं और श्रीराम तथा सनातन संस्कृति किसी एक संगठन या राजनीतिक दल की पैतृक संपत्ति नहीं हैं। कांग्रेस ने कहा कि वह सदैव सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान करती आई है और आगे भी करेगी।
कांग्रेस ने विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल और अन्य हिन्दू संगठनों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि यदि वे राजनीतिक कार्यों में संलग्न नहीं हैं तो धर्म व आस्था से जुड़े मामलों में समान निष्पक्षता दिखाएँ। साथ ही कहा गया कि यदि ये संगठन अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर निर्माण से जुड़े दान-व्यवहार में कथित अनियमितताओं के विरुद्ध निष्पक्ष आवाज उठाते हैं तो रानीखेत कांग्रेस भी धर्म व आस्था के सम्मान के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी।
