
व्यापार मंडल चुनाव विवाद को हल करने रानीखेत पहुंचे प्रदेश पदाधिकारियों ने वित्तीय अनिमियतता और मनमाने खर्च को गलत बताया। मामले की जांच प्रदेश जांच समिति से करने का निर्णय।
विभिन्न प्रकार की आपत्तियों के चलते रानीखेत नगर व्यापार मंडल के चुनाव पिछले एक वर्ष से नहीं हो पा रहे हैं। निवर्तमान कार्यकारणी का कार्यकाल पिछले सितम में पूरा हो गया था लेकिन उसके बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद चुनाव कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ पाया। अब इस मामले को हल करने के लिए प्रांतीय उद्योग व्यापर प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश महामंत्री प्रकाश मिश्रा एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष मनोज अरोड़ा ने रानीखेत पहुंच कर चुनाव समिति के साथ बैठक की है।

राजदीप होटल में आयोजित बैठक में चुनाव समिति ने प्रदेश पदाधिकारियों को सभी अभिलेखों एवं तथ्यों से अवगत कराया। तथा जानकारी दी की पूर्व में भी पूरी फाइल प्रदेश कार्यकारिणी के पास भेजी गयी है। पूरे मामले को समझने के बाद दोनों प्रांतीय प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखते हुए कहा कि वित्तीय अनिमियतता का पाया जाना और उसका निस्तारण या जांच विधिवत रूप से नहीं हो पाना वास्तव में आपत्तिजनक है और घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है, जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यापार मंडल इकाई मनमाने तौर पर खर्च करने के लिए स्वतंत्र नहीं है। अतः इस प्रकरण को शीघ्र ही प्रदेश कार्यकारिणी की जांच समिति के पास प्रेषित किया जाएगा।
इसके साथ ही सदस्य व्यापारियों के चुनाव लड़ने संबंधी नियम के विपरीत दाखिल नामांकन पत्रों से उत्पन्न गतिरोध से भी प्रदेश अनुशासन समिति को चुनाव समिति ने अवगत कराया है। जिस पर प्रदेश पदाधिकारियों ने कहा कि काफी समय तक चुनाव ना हो पाना संगठन के हित में नहीं है। अतः चुनाव समिति यदि चाहे तो नए चुनाव होने तक अधिकतम 6 माह के लिए चुनाव समिति के सहयोग हेतु एक कार्यवाहक कार्यकारिणी का अभिलंब गठन कर सकती है।
इस अवसर जिलाध्यक्ष मोहन नेगी, जिला महामंत्री राजेन्द्र पाण्डेय, चुनाव समिति अध्यक्ष अगस्त लाल साह, कार्यकारी अध्यक्ष प्रताप सिंह रावत, कोषाध्यक्ष अतुल कुमार अग्रवाल, महासचिव कुलदीप कुमार, सचिव हेम भगत, सदस्य जगदीश अग्रवाल भगवंत नेगी उपस्थित रहे।
