
एक तरफ चौखुटिया में चल रहा आंदोलन, दूसरी तरफ चौखुटिया के पूर्व प्रधान के बेटे की हो गई मौत., रानीखेत रेफेर किया, रानीखेत से अल्मोड़ा , रास्ते में हो गई मौत।
चौखुटिया में इलाज न मिलने से पूर्व प्रधान के बेटे की मौत, सरकार पर आरोप चौखुटिया (अल्मोड़ा): क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की गंभीर कमी के बीच एक बार फिर दर्दनाक घटना घटी है। चौखुटिया क्षेत्र के चुलेरासीम ग्राम पंचायत निवासी 35 वर्षीय कैलाश चंद्र, जो पूर्व प्रधान रमेश राम के पुत्र थे, इलाज न मिलने के कारण जीवन गंवा बैठे।पिछले चार दिन से तेज बुखार से पीड़ित कैलाश को शुक्रवार शाम सीएचसी चौखुटिया लाया गया, जहां चिकित्सक डॉ. किरण ने उनकी जांच कर ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन स्तर चिंताजनक बताया।

गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रानीखेत रेफर कर दिया गया। रानीखेत में भी उन्हें पर्याप्त इलाज नहीं मिला और वहां से अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। परिजन अल्मोड़ा ले जाते समय ही रास्ते में कैलाश की मौत हो गई।पूर्व प्रधान रमेश राम और नारायण सिंह बिष्ट ने कहा कि अगर चौखुटिया में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होतीं तो कैलाश की जान बचाई जा सकती थी।

ऑपरेशन स्वास्थ्य आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने सरकार की लापरवाही को इसकी मुख्य वजह बताया और कहा कि चौखुटिया जैसी तहसील में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है, जिससे मरीजों को दूर रेफर करना पड़ता है।प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अमजद खान ने बताया कि मरीज की हालत गंभीर थी और तत्काल बेहतर इलाज की जरूरत थी, इसलिए रेफर किया गया।इस घटना ने क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बना दिया है। लोगों ने चौखुटिया सीएचसी में स्थायी डॉक्टरों की नियुक्ति और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग उठाई है, अन्यथा आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
