
दीपावली की रात हादसे में दो मंजिला मकान जल कर हुआ राख, अगले महीने बेटी की शादी के लिए रखे जेवर, नकद और सामान भी हुआ ख़ाक। परिवार हुआ बदहवास।
दीपावली की रात उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के थल तहसील के बल्याऊं गांव में आग की एक भीषण घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। इस हादसे में एक दोमंजिला मकान जलकर खाक हो गया और बेटी की शादी के लिए रखे गहने और रुपये भी आग में जल गए।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह मकान भूपाल सिंह मेहरा और डिगर सिंह मेहरा का पुश्तैनी घर था, जिसे देखरेख के लिए हयात सिंह मेहरा को दिया गया था। हयात सिंह अपने परिवार के साथ पिछले 35 सालों से इस मकान में रह रहे थे। दीपावली की रात वे अपने ही घर, जो लगभग सौ मीटर दूर स्थित है, में पूजा करने और दीये जलाने गए हुए थे। इसी दौरान अचानक उनके रहने वाले मकान में भीषण आग लग गई। तेज लपटों ने कुछ ही मिनटों में पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया।

आग इतनी तेजी से फैली कि ग्रामीणों और हयात सिंह के प्रयासों के बावजूद उसे बुझाना संभव नहीं हो सका। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया आग नियंत्रण से बहार हो गई और घर जलकर नष्ट हो गया। घर में मौजूद नकदी, कपड़े, फर्नीचर और कीमती घरेलू सामान के साथ-साथ बेटी की शादी के लिए बनाए गए जेवर और बचत की रकम भी राख में बदल गई। आग ने छह बोरे धान, सात बोरे गेहूं, टीवी, पंखा, चक्की, बिस्तर, बर्तन, कपड़े, पांच तोला सोना, दस तोला चांदी के आभूषण और 90 हजार रुपये नगदी को नष्ट कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, इस हादसे में करीब 65 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन ग्रामीणों का अनुमान है कि यह दीपावली के दीयों या पटाखों से उठी चिंगारी के कारण हो सकता है। वही प्रशसन अनुमान लगा रहा है की शार्ट सर्किट के कारण आग लगी होगी। प्रशासन ने घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर जांच शुरू कर दी है और पीड़ित परिवार को राहत देने के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है । घटना के बाद परिवार के सामने जीवन यापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है वही अगली महीने होने वाली बेटी की शादी पर भी संकट के बादल छा गए हैं।
