
“ऑपरेशन स्वास्थ्य आंदोलन” – पदयात्रा के देहरादून पहुंचते पुलिस ने बलपूर्वक रोकी यात्रा, पदयात्रियों को बस भरकर ले गए , वीडियो आया सामने।
अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया से निकली पैदल “ऑपरेशन स्वास्थ्य आंदोलन” यात्रा उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के खिलाफ किया जा रहा आंदोलन है, जिसमें स्थानीय नागरिकों ने चौखुटिया से राजधानी देहरादून तक लगभग 300 किलोमीटर पैदल यात्रा की है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों के अस्पतालों में डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराना है।
यह यात्रा 2 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई थी और कई दिनों की पदयात्रा के बाद अब अपने अंतिम चरण में देहरादून पहुंच चुकी है। पदयात्रा जब देहरादून पहुंची तो स्थानीय पुलिस ने आंदोलनकारियों को आगे बढ़ने से बलपूर्वक रोक दिया। पुलिस ने पदयात्रियों को बस में भरकर दूसरी जगह पहुंचाया। आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और अभद्रता भी की। पहाड़ी क्षेत्रों में CHC (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) को उप-जिला अस्पताल में उच्चीकरण अस्पतालों में डॉक्टरों, उपकरणों और जरूरी दवाओं की उपलब्धता नागरिकों का कहना है कि यदि इन बुनियादी सुविधाओं की पूर्ति नहीं होती तो सरकार की योजनाओं का कोई मायने नहीं रह जाता।
सरकार ने चौखुटिया CHC के उच्चीकरण का आदेश जारी कर दिया है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक वास्तविक सुविधाएं, डॉक्टर और संसाधन नहीं मिलते, आंदोलन जारी रहेगा। भाजपा ने कहा है कि सरकार जनता की भावनाओं को समझती है और आवश्यक निर्णय लेगी, जबकि कांग्रेस ने सरकार पर अहंकार और असंवेदनशीलता का आरोप लगाया है।
इसे पहाड़ के लोगों द्वारा अपने अधिकार की लड़ाई माना जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की सख्ती और पदयात्रियों को जबरन बस में भरने जैसी घटनाओं के चलते आंदोलन आने वाले दिनों में जनआंदोलन और तेज होने की संभावना है।
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