
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में मुख्यमंत्री ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, गैरसैंण एवं आसपास के क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने की बात कही।
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने गैरसैंण एवं आसपास के क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने हेतु मास्टर प्लान तैयार कर कार्य करने की बात कही। साथ ही उन्होंने चौखुटिया, ज्योतिर्मठ और घनसाली को उड़ान योजना से जोड़ने की घोषणा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद की ₹142.25 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने खेल, शिक्षा, कृषि और अन्य क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में तीर्थाटन विकास के लिए केदारखण्ड और मानसखण्ड में स्थित पौराणिक मंदिरों का पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का भी भावपूर्ण स्मरण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गैरसैंण के विकास हेतु विभिन्न विकास योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। सारकोट गांव को गोद लेकर ग्रामीणों और विभागों के समन्वय से गांव को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त भू-कानून लागू किया गया है। सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के “लोकल टू ग्लोबल” मंत्र को साकार करने में राज्य ने अग्रणी भूमिका निभाई है।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी, कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा सहित अनेक अफसर एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

