
पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने मृत्यु के बाद पूर्ण देहदान, नेत्रदान और अंगदान का संकल्प लिया।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने हाल ही में अपनी मृत्यु के बाद पूर्ण देहदान, नेत्रदान और अंगदान का संकल्प लिया है। यह फैसला उन्होंने दधीचि देह दान समिति, देहरादून के माध्यम से पंजीकृत किया।

संकल्प का महत्व : उन्होंने यह निर्णय अयोध्या में प्रभु श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर लिया गया। कोश्यारी ने इसे मानवता की सच्ची सेवा बताया, जो जीवित रहते हुए तो सभी करते हैं, लेकिन मृत्यु के बाद शरीर को चिकित्सा, शिक्षा और शोध के लिए समर्पित करना असली परोपकार है।

समिति के अध्यक्ष डॉ. मुकेश गोयल ने इसे अंगदान आंदोलन के लिए प्रेरणादायी बताया, जो समाज में भ्रांतियों को दूर करेगा। समिति के माध्यम से अब तक 570 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया है जबकि 21 सफल देहदान हो चुके हैं। 47 दानदाताओं से 94 कॉर्निया दान किए गए। संकल्प के लिए परिवार के कम से कम दो सदस्यों की सहमति जरूरी होती है।
