
भिकियासैण में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे पूर्व विधायक करन माहरा तो विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने पत्र जारी कर रखी अपनी बात।
चौखुटिया के बाद अब रानीखेत विधानसभा के भिकियासैण में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं आंदोलन शुरू हो गया है। सीएचसी भिकियासैंण में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की मांग के लिए रामलीला मैदान में चल रहा क्रमिक अनशन चल रहा है इसके अलावा मशाल जुलुस निकाल कर भी प्रदर्शनकारी अपने आक्रोश का इजहार कर चुके हैं। आंदोलनकारियों ने शीघ्र मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे पूर्व विधायक करन माहरा
शुक्रवार को पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा अनशन स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। माहरा ने विशेषज्ञ डॉक्टर्स की नियुक्ति, रेडियोलॉजिस्ट और एम्बुलेंस की व्यवस्था करने की मांग करते हुए कहा कि कोरोना काल में उन्होंने 50 लाख रुपये की लागत से अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कराया था लेकिन वह पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ा है।

उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मैं साफ कहता हूँ कि पहाड़ की स्वास्थ्य सेवाओं की ये उपेक्षा अब बर्दाश्त से बाहर है। सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह समय रहते जनता की इन माँगों पर ठोस कार्रवाई करे, वरना ये आंदोलन उत्तराखंड राज्य आंदोलन के बाद सबसे बड़ा जनांदोलन बन सकता है। मैं इस संघर्ष में जनता के साथ खड़ा हूँ..हर कदम पर, हर आवाज़ के साथ। पहाड़ के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी ही चाहिए। ये हक है… और हक लेकर रहेंगे।
विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने पत्र जारी कर रखी अपनी बात।
वही दूसरी ओर क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने एक सरकारी पत्र जारी करते हुए कहा कि भिकियासैंण का अस्पताल कभी एक -एक दो -दो चिकित्सकों के भरोसे चलता था ,आज वहां नौ चिकित्सक सेवा दे रहे हैं!लेकिन दुष्प्रचार ऐसे किया जा रहा है जैसे वहां कोई चिकित्सक ही न हो। अल्ट्रा साउंड, एक्सरे, जांच, ऑपरेशन आदि के लिए मेडिकल काउंसिल और सरकार के कुछ निर्धरित नियम होते हैं जिनमे उस क्षेत्र में आबादी, अस्पताल में मरीजों की संख्या किस बीमारी के कितने मरीजों की संख्या आदि उनके अनुसार ही अन्य सुविधाएँ उपकरण आदि किसी अस्पताल में मुहैया हो पाती हैं।
उन्होंने कहा कि जहाँ तक बदनाम किया जा रहा है कि रेफर सेंटर बना दिया तो वो डॉक्टर और पेशेंट की बीमारी की गंभीरता का तकनीकी मामला है उसे न कोई मंत्री या सीएमओ चैलेंज कर सकता है न विधायक चैलेन्ज कर सकता है | रेफर तो देश की राजधानी दिल्ली में हजारों बड़े बड़े अस्पताल और एक एक अस्पताल में सैकड़ों सैकड़ों डॉक्टर होने के बाद भी मरीज को इस अस्पताल से उस अस्पताल में रेफर करना पड़ता है |
विधायक नैनवाल ने कहा कि अस्पताल में नौ डॉक्टर तैनात हैं, भिकियासैन अस्पताल में चिकित्सकों व अन्य सुविधाओं की पूर्ति के लिए भी मैं लगातार प्रयास कर रहा हूँ। कांग्रेस के जो लोग आंदोलन में लोगों को गुमराह कर रहे हैं उनकी जानकारी के लिए मैं विगत वर्षों में भिकियासैन अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों की सूची भी उपलब्ध कर रहा हूँ।

