
रानीखेत लोक निर्माण विभाग (PWD) के दो इंजीनियर हुए ससपेंड, सडको की मरम्मत में लापरवाही और शासन को गलत सूचना देने का आरोप।
उत्तराखंड के में लापरवाही के गंभीर मामले सामने आने के बाद सरकार ने रानीखेत डिवीजन के दो अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया है। इनमें प्रभारी अधिशासी अभियंता बिजेंद्र सिंह मेहरा और सहायक अभियंता के.के. पांडेय शामिल हैं।
शुक्रवार को लोनिवि के सचिव डॉ. पंकज पांडे ने दोनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी किए। आदेश के मुताबिक, इन दोनों अभियंताओं को कार्यमुक्त कर मुख्य अभियंता, अल्मोड़ा के क्षेत्रीय कार्यालय से संबद्ध किया गया है। यह कदम विभाग के प्रमुख अभियंता द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया, जिसमें कई गम्भीर लापरवाहियां उजागर हुई थीं।
जांच रिपोर्ट में पाया गया कि रानीखेत क्षेत्र की कई प्रस्तावित सड़कों की मरम्मत अधूरी मिली । पैच रिपेयर प्लान को वास्तविक आवश्यकता के अनुसार अपडेट नहीं किया गया। कार्ययोजना में जरूरी संशोधन नहीं किए गए। विभाग को अधूरी और गलत जानकारियां भेजी गईं। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि दोनों अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी में लापरवाही बरती और योजनाओं को संशोधित करने में गंभीर त्रुटियां कीं।
प्रदेश में लगातार सड़क मरम्मत कार्यों में मिल रही शिकायतों के चलते सरकार लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सख्ती बरत रही है। इसी के तहत यह निलंबन कार्रवाई हुई, ताकि विभाग में जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। सूत्रों के अनुसार, आगे भी विभागीय कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है, और उच्चाधिकारी अन्य प्रगति कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं।
