
पांडवखोली में भव्य कार्यक्रमों और पूर्ण श्रद्धा के साथ संपन्न हुई महंत बलवंत गिरी जी महाराज की 32वीं पुण्यतिथि, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और गतिविधियों का हुआ आयोजन।
द्वाराहाट के पांडवखोली में महंत बलवंत गिरी जी महाराज की 32वीं पुण्यतिथि पर आयोजित वार्षिकोत्सव सोमवार 1 दिसंबर को पूर्ण श्रद्धा के साथ समापन हो गया। महाभारत कालीन सभ्यता से जुड़े इस पौराणिक स्थल पर, जो पांडवों की शरणस्थली माना जाता है, आसपास के गांवों और रानीखेत से हजारों श्रद्धालु पहुंचे।

शक्तिपीठ मां दूनागिरी से लगभग सात किमी दूर स्थित स्वर्गपुरी आश्रम की भीम की खातड़ी में रूद्रीपाठ, हवन, पूर्णाहुति, विशाल भंडारा और पांडु पुत्रों की दुर्लभ पाषाण प्रतिमाओं की विशेष पूजा हुई। प्यारी गाड़ महिला समूह के भजन-कीर्तन ने भक्ति का माहौल बनाया, जबकि विभिन्न आयु वर्गों के लिए खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

सिटी मांटेसरी स्कूल गनियाद्योली रानीखेत, राजकीय इन्टर कालेज दूनागिरी, एम डी तिवारी इंटर कॉलेज द्वाराहाट ,प्राइमरी पाठशाला चरी, जूनियर हाईस्कूल खोलियाबांज, प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूल दुधोली, जीजीआईसी द्वाराहाट के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। संचालन पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेन्द्र सिंह बिष्ट ने किया।

पुरानी अखबारों का संग्रह जैसी एंटिक वस्तुओं की प्रदर्शनी ने भी आकर्षित किया, और पथ भ्रमण संघ ने विजेताओं को पुरस्कार दिए। पथ भ्रमण संघ के अध्यक्ष हरीश लाल साह ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

