
दुनिया में नववर्ष का जश्न, लेकिन रानीखेत में पसरा सन्नाटा, होटल रहे खाली, नैनीताल प्रशासन की गलत नीतियों का खामियाजा भुगता रानीखेत – गरमपानी के व्यवसाइयों ने।
फोटो साभार : श्री शेर सिंह राणा
नव वर्ष पर जहाँ हर ओर उत्साह का वातावरण था वही इस बार का नव वर्ष का जश्न रानीखेत में फीका रहा। रानीखेत में पर्यटकों की पहुंच आधे से भी कम रही जिससे पर्यटन व्यवसाइयों में निराशा छाई रही। रानीखेत ही नहीं खैरना गरमपानी के व्यवसाई भी प्रशासन की गलत नीतियों का हर्जाना भुगतते दिखाई दिए।

पर्यटन सुविधाओं के विकास में दशकों पीछे छूट गया है रानीखेत :
पिछले कुछ सालों में रानीखेत का पर्यटन व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बीते सालों में महानगरों से पहाड़ को आने वाले पर्यटकों का व्यवहार में काफी बदलाव आया है। पहले का पर्यटक सामान्य सुविधाओं में भी रानीखेत के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेता था लेकिन अब आने वाले पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य के साथ साथ महानगरों जैसी आकर्षक बाजार, उच्च क्वालिटी के रेस्टोरेंट कैफ़े, एडवेंचर एक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं भी चाहता है। लेकिन कैंट बोर्ड के चंगुल में फंसे रानीखेत का विकास दशकों पीछे खिसक गया है। जिस कारण यहाँ पर्यटकों की अपेक्षाओं के अनुरूप बाजार विकसित नहीं हो पाया, जिसके चलते पर्यटकों ने रानीखेत से मुँह मोड़ लिया।

प्रशासन की गलत नीतियों का खामियाजा भगतने को मजबूर रानीखेत के व्यवसाई :
जो बचा कुचा टूरिस्ट रानीखेत पहुंचने का प्रयास भी करता तो नैनीताल में पुलिस प्रशासन की सख्ती के चलते पर्यटक रानीखेत नहीं पहुंच पाया। नैनीताल और कैंची धाम में भारी भीड़ उमड़ने के डर से प्रशासन ने पर्यटकों के पहाड़ की तरफ आने पर काठगोदाम, भीमताल, भवाली में पर्यटकों को आगे बढ़ने से रोका , साथ ही कैंची जाम के जाम से भी पर्यटक अपने वाहन लेकर रानीखेत तक नहीं पहुंच पाए। पुलिस प्रशासन की सख्ती के चलते नैनीताल में भी विगत वर्षो के मुकाबले कम पर्यटक पहुंचे है। तो गरमपानी खैरना क्षेत्र में भी दूकानदार खाली बैठे रहे।

हालत इतनी ख़राब थी कि रानीखेत में कुछ होटल्स में 50% तक कमरे खाली रहे हैं तो वही कुछ होटल्स में एक भी पर्यटक ना आने से पूरा होटल ही खाली रहा है। शाम से रानीखेत की सड़को में सन्नाटा देखा गया। इन सब से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में भविष्य के लिए भारी निराशा है और व्यवसाइयों ने सरकार तथा स्थानीय प्रशासन पर्यटन में तेजी लाने के प्रयास करने के उपाय करने की मांग की है।


