
विद्युत विभाग की लापरवाही ने 8000 मासिक वेतन पाने वाले लाइन मैन की ले ली जान। हाईटेंशन लाइन से चिपक गया कर्मचारी।
अल्मोड़ा जिले के जागेश्वर क्षेत्र के कोटूली गांव में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही से एक लाइनमैन की जान चली गई। ग्राम काना निवासी पूरन सिंह (45) हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा विभागीय चूक और शटडाउन प्रक्रिया की कमियों को साफ उजागर करता है।

पूरन सिंह सोमवार शाम तक जागेश्वर में बिजली सुधारने का काम निपटा चुके थे और घर लौट रहे थे। तभी कोटूली में लाइन में आग लगने की खबर मिली, तो उन्हें दोबारा बुलाया गया। लाइन पर काम शुरू करने से पहले शटडाउन दिया गया, लेकिन तोली पावर हाउस से किसी कर्मचारी ने बिना पुष्टि के शटडाउन हटा दिया। इससे लाइन में अचानक करंट दौड़ गया और पूरन तारों से चिपक गए।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और ग्रामीण विभाग पर भड़क गए हैं। उनका कहना है कि शटडाउन प्रक्रिया में घोर लापरवाही हुई।लोग सवाल उठा रहे हैं कि महज 8 हजार रुपये वेतन वाले कर्मचारी को ऐसी खतरनाक जिम्मेदारी क्यों सौंपी जाती है? सुरक्षा उपकरण जैसे ग्लव्स तक क्यों नहीं दिए जाते? ग्रामीणों ने ईई और एसई समेत अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
