
क्रिकेट लीग के नाम पर ठगी करने वाले विकास ढाका को पुलिस ने किया गिरफ्तार, अब तक 32 लाख की ठगी का खुलासा।
हल्द्वानी में ई0वी0सी0एल0 (एपिक विक्ट्री किक्रेट लीग) के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले विकास ढाका को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। विकास ने ३ फरवरी से हल्द्वानी के गौलापार में अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में क्रिकेट टूर्नामेंट करवाने के नाम पर लोगों को टिकट बेचे और निवेशकों को टीम का मालिक बनाकर लाखो रूपये ठग लिए थे।
लेकिन जब ३ फरवरी को क्रिकेट मैच नहीं हुआ तो टूर्नामेंट के निवेशक हेमन्त शर्मा पुत्र रमेश चन्द्र शर्मा, हरियाणा तथा नारायण पाल पूर्व विधायक सितारगंज द्वारा थाना काठगोदाम में इसकी शिकायत दर्ज करवाई गई। विकास ढाका द्वारा हेमन्त शर्मा से 23 लाख तथा नारायण पाल से 09 लाख रूपये की धोखाधड़ी करने के आरोप लगे है।

प्राथमिकी दर्ज होने पर पुलिस टीम द्वारा आरोपी विकास ढाका निवासी नोएडा उम्र 35 वर्ष को दिनांक 06.02.2026 को मल्ला काठगोदाम से गिरफ्तार किया गया तथा अभियुक्त के लेनदेन से सम्बन्धित 02 बैंक खातों को फ्रीज करवाया गया। विकास ढाका द्वारा उक्त लीग में अन्तर्राष्ट्रीय प्लेयर जैसे हरभजन सिंह, इरफान पठान, प्रवीण कुमार, मनप्रीत गोनी एवं अन्य रणजी प्लेयर आदि द्वारा प्रतिभाग किए जाने की बात टीम मालिकों को बताई गई।
हेमन्त शर्मा द्वारा ई0वी0सी0एल0 क्रिकेट लीग में यू0पी0 वॉरियर्स नाम की टीम क्रय की गई थी जिसकी फ्रेंचाईजी फीस 50 लाख अभियुक्त द्वारा बताई गई थी। हेमन्त शर्मा को उक्त टीम डिस्काउंट बताकर लालच देकर 30 लाख रूपये में दी गई थी। सौदे के मुताबिक हेमन्त शर्मा उपरोक्त द्वारा विकास ढाका को नगद तथा अन्य माध्यम से कुल 23 लाख रूपये उक्त टीम क्रय करने के एवज में भुगतान किया गया।
नारायण पाल पूर्व विधायक सितारगंज निवासी हल्द्वानी द्वारा उत्तराखण्ड सोल्जर्स नाम से टीम क्रय की गई जिसके एवज में अभियुक्त विकास ढाका द्वारा 50 लाख की फ्रेंचाईजी फीस बताई गई थी। नारायण पाल को उक्त टीम लालच देकर 10 लाख रूपये डिस्काउंट के साथ सौदा तय किया गया। सौदे के अनुसार नारायण पाल द्वारा 03 लाख रूपये नगद तथा 06 लाख रूपये हल्द्वानी नगर में प्रचार- प्रसार हेतु लगाए गए होर्डिंग्स सहित कुल खर्चा 09 लाख रूपये का भुगतान किया गया।
टूर्नामेंट शुरू होने की तिथि 01.02.2026 निर्धारित की गई, निर्धारित तिथि बीत जाने के बाद भी टूर्नामेंट शुरू नहीं हुआ तो शिकायतकर्ताओं को शक हुआ, उनके द्वारा विकास ढाका से जानकारी किए जाने पर उक्त द्वारा टाल मटोल कर पल्ला झाड़ लिया। इसके उपरांत अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों के आने के सम्बन्ध में जानकारी करने पर पता चला कि अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को उक्त आयोजन के सम्बन्ध में कोई जानकारी नहीं थी। टीम मालिकों को क्रिकेट लीग के नाम पर धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ, तथा अभियुक्त विकास ढाका द्वारा उक्त आयोजन के सम्बन्ध में कोई लोगो/ड्रेस/होर्डिंग्स तैयार नहीं की गई थी।
