
कैंची धाम में भीषण जाम से रानीखेत पर्यटन प्रभावित; होटल व्यवसायियों ने आंदोलन की चेतावनी।
रानीखेत, 21 मई 2026 — कैंची धाम क्षेत्र में लगातार लग रहे भीषण जाम से रानीखेत का पर्यटन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ रानीखेत ने मंगलवार को कहा कि जाम के कारण पर्यटकों का रूझान घट गया है और स्थानीय व्यापार, होटल मालिकों तथा उनसे जुड़ी हजारों आजीविकाएँ प्रभावित हो रही हैं। एसोसिएशन ने प्रशासन से शीघ्र प्रभावी कदम उठाने की मांग की है; अन्यथा होटल व्यवसायी और पर्यटन से जुड़े लोग जनआंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि कैंची धाम में प्रतिदिन कई घंटे तक लगने वाले जाम से पर्यटकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और लोग रानीखेत आने से पहले ही अपनी यात्रा रद्द करने लगे हैं। इसके परिणामस्वरूप शहर के सभी होटलों में सन्नाटा पसरा हुआ है और पर्यटन पर निर्भर स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है।

पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि रानीखेत आने वाले पर्यटकों को अब धनाचूली-क़वारब मार्ग से डायवर्ट किया जा रहा है, जो लगभग 80 किलोमीटर लंबा पड़ रहा है। इस लम्बे वैकल्पिक मार्ग के कारण रानीखेत में आने वाले पर्यटकों की संख्या में तेज गिरावट आई है और टैक्सी व परिवहन व्यवसाय भी प्रभावित हैं।
होटल एसोसिएशन ने शासन से मांग की है कि शीघ्र ही बाईपास रोड का निर्माण कराया जाए ताकि मुख्य मार्ग पर लगने वाले जाम में कमी आ सके और पर्यटकों को सुरक्षित तथा सुगम मार्ग मिले। पदाधिकारियों ने यह भी आगाह किया कि यदि समय रहते सड़क एवं यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो इसका गंभीर आर्थिक प्रभाव पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा।
प्रेसवार्ता में अध्यक्ष हिमांशु उपाध्याय, महासचिव गोविंद सिंह बिष्ट, सह-सचिव पावस जोशी, कोषाध्यक्ष अंशुल साह और सदस्य प्रभात माहरा, हरीश अग्रवाल, अरविंद साह, देवांशु साह व सोनू सिद्दीकी उपस्थित थे। एसोसिएशन ने प्रशासन से शीघ्र ठोस कार्रवाई की उम्मीद जाहिर की है और कहा कि कार्रवाई नहीं होने पर वह आंदोलन की राह पकड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन पर होगी।
