
कुमाऊं में ₹25 करोड़ से अधिक की भू-धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी धनंजय गिरी गिरफ्तार।
कुमाऊं परिक्षेत्र में लगभग ₹25 करोड़ से अधिक की संगठित भू-धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुनर्गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच के दौरान प्रमुख अभियुक्त धनंजय गिरी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इस गिरोह के खिलाफ 2018 से अब तक कुल नौ FIR दर्ज की गई हैं और तीन मामलों की जांच वर्तमान में विशेष तौर पर तेज है। इसके अलावा लगभग 15–20 और पीड़ितों की शिकायतें भी अभी क्षेत्रीय कार्यालय के संज्ञान में आ रही हैं।

जांच में शिथिलता के बाद SIT का पुनर्गठन
मामले की गंभीरता और जनहित को ध्यान में रखते हुए 4 नवंबर 2025 को अपर पुलिस अधीक्षक, हल्द्वानी की अध्यक्षता में एक SIT गठित की गई थी। हालांकि पहले गठित टीम से अपेक्षित विधिक कार्रवाई न होने पर कुमायूँ के आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने 17 अप्रैल 2026 को उस SIT को भंग कर दिया। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, ऊधमसिंहनगर अजय गणपति के सीधे पर्यवेक्षण में और पुलिस अधीक्षक (अपराध एवं यातायात) जितेन्द्र चौधरी की अध्यक्षता में एक नई SIT पुनर्गठित की गई।
पुनर्गठित SIT ने सक्रिय धरातलीय कार्रवाई करते हुए 21 मई 2026 को प्रमुख आरोपी धनंजय गिरी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी एक सुव्यवस्थित सिंडिकेट के सदस्य के रूप में अवैध तरीकों से भारी वित्तीय लाभ कमाते रहा हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध के दायरे में कठोर कार्रवाई की घोषणा की है। मामले में धारा 111 बीएनएस (संगठित अपराध) के तहत केस चलाया जा रहा है। साथ ही, आरोपियों के द्वारा अर्जित की गई अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जब्ती कार्रवाई के तहत ये संपत्तियाँ भविष्य में सभी पीड़ितों के बीच आनुपातिक रूप से वितरित कर उनके नुकसान की भरपाई की जाएगी — इसके लिए धारा 107 बी.एन.एस.एस. के अंतर्गत त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी को भेजा नोटिस, संपत्ति के हस्तांतरण पर रोक
पुलिस ने चिन्हित की गई संपत्तियों के किसी भी प्रकार के अवैध हस्तांतरण या बिक्री को रोकने के लिए जिलाधिकारी, नैनीताल को आवश्यक पत्राचार कर प्रभावी कदम उठाने का अनुरोध भी किया है। पुलिस अधिकारी अजय गणपति और एसपी क्राइम जितेन्द्र चौधरी ने कहा है कि जांच पारदर्शी और निष्पक्ष रहेगी और सिंडिकेट के शेष सदस्यों की गिरफ्तारी तथा संबंधित संपत्तियों की जब्ती के लिए कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
