
रानीखेत में नाद संगीत महाविद्यालय का शुभारंभ, बच्चों व महिलाओं को मिलेगा संगीत-नृत्य का मंच।
रानीखेत, 2 अगस्त — रानीखेत में सांस्कृतिक समिति के संचालन में नाद संगीत महाविद्यालय का विधिवत शुभारंभ हो गया है। सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में शुरू हुए इस केंद्र के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को शास्त्रीय संगीत, लोक गायन और कथक नृत्य की नियमित शिक्षा दी जाएगी।

समिति के अध्यक्ष विमल सती ने बताया कि संगीत के वातावरण सृजन की दिशा में विगत वर्ष से ही प्रयास शुरू किए गए थे, जिसके तहत कथक कार्यशाला भी आयोजित की गई थी। इस कार्यशाला में गुजरात से आए प्रशिक्षक जिगर रजनीकांत भट्ट और प्रो. निष्ठा देसाई ने महिलाओं व बच्चों को प्रशिक्षण दिया। अब केंद्र खुलने से इच्छुक प्रतिभागियों को संगीत, गायन, नृत्य और वादन की स्थायी शिक्षा का मंच मिल गया है।
पिछले सत्र में गांधर्व संगीत महाविद्यालय, मुंबई के अभ्यास क्रम के तहत एक बैच ने प्रारम्भिक वर्ग की परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है। वर्तमान में प्रारम्भिक और प्रवेशिका स्तर की कक्षाएं संचालित हैं, जबकि नए सत्र के लिए प्रवेश फॉर्म भरे जा रहे हैं। इस वर्ष छात्र कथक और गायन के साथ-साथ हारमोनियम व तबला वादन में भी रुचि दिखा रहे हैं।
विमल सती का कहना है कि संगीत के नियमित रियाज से बच्चों का मानसिक ध्यान केंद्रित होगा, जीवन में अनुशासन आएगा और भविष्य में करियर के नए अवसर भी खुलेंगे। साथ ही, कामकाजी महिलाओं के लिए यह अपनी सुप्त कलात्मक प्रतिभा को पुनर्जीवित करने का बेहतरीन जरिया साबित होगा। उन्होंने बच्चों और महिलाओं से संगीत से जुड़ने की अपील की है।
इस अवसर पर समिति की ओर से मुख्य प्रशिक्षक जिगर रजनीकांत भट्ट, नृत्य वर्ग की शिक्षक प्रो. निष्ठा देसाई और परीक्षा केंद्र गाजियाबाद के नियामक तरूण गोयल के प्रति आभार व्यक्त किया गया। प्रवेशिका वर्ग की बीना राणा, कविता बिष्ट, बबीता रावत, शिवी उप्रेती, उन्मुक्त पालीवाल आदि उपस्थित रहे।
