
उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं की फिर खुली पोल, डॉक्टर ने प्रसव करने से किया इंकार, महिला ने फर्श पर दिया बच्चे को जन्म, अब डॉक्टर की सेवाए हुई समाप्त।
उत्तराखंड की सरकारी स्वास्थ्य सेवा की पोल खोलती एक खबर फिर से सुर्ख़ियों में है। दरअसल हरिद्वार के जिला अस्पताल में प्रसव के लिए महिला को उपस्थित डॉक्टर ने प्रसव करने से ही इंकार कर दिया। जिसके बाद महिला ने अस्पताल में फर्श पर दर्द से तड़पते हुए बच्चे को जन्म दिया।
हरिद्वार के जिला अस्पताल में रात करीब 9:30 बजे एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए लाया गया था। जहाँ ड्यूटी पर मौजूद डॉ. सलोनी पंथी ने डिलीवरी कराने से इनकार कर दिया जिसके कारण गर्भवती महिला दर्द से तड़पती रही। डॉक्टर पर आरोप है की उसने साथ आयी आशा वर्कर के साथ ही झड़प की। जिसके बाद आशा की मदद से ही प्रसव हो पाया।
मामला सामने आने के बाद लापरवाही बरतने के आरोप में डॉ. सलोनी पंथी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं, वह अनुबंध के तहत यहाँ अपनी सेवाएं दे रही थी। यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने प्रमुख अधीक्षक की जांच रिपोर्ट के आधार पर की है।
