
उत्तराखंड में बढ़ रही वन्य जीवो की सख्या, अब मुख्यमंत्री ने किया बड़ा एलान, वन्य जीव संघर्ष में जनहानि पर पीड़ित परिवार को मिलेंगे 10 लाख रूपये।
उत्तराखंड में मानव – वन्य जीव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर पीड़ित परिवार के सामने दुखो के साथ साथ कमाऊ व्यक्ति के जाने पर आर्थिक संकट भी खड़ा हो जाता है। इस समस्या को देखते हुए अब उत्तराखंड में वन्य जीवों के हमले में होने वाली जन हानि पर 10 लाख का मुआवजा तय किया गया है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जू में वन्यजीव प्राणी सप्ताह का शुभारंभ करते हुए इस बात का एलान किया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से बाघ, गुलदार, हाथी, हिम तेंदुवे जैसे दुर्लभ वन्यजीवों की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीव हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा हैं और सनातन संस्कृति में मानव और जीव-जगत के बीच एकात्म भाव का प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड की लगभग 14.77 प्रतिशत भूमि संरक्षित है, जिसमें 6 राष्ट्रीय उद्यान, 7 वन्यजीव विहार और 4 संरक्षण आरक्षित क्षेत्र शामिल हैं, जो पूरे देश के 5.27 प्रतिशत के मुकाबले कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की हरियाली और वन्यजीव देश-विदेश से आने वाले लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं और सरकार वनों के प्राकृतिक स्वरूप को बचाने तथा वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
