
विवादों में घिरे राजकीय इंटर कॉलेज चौनलिया के प्रधानाचार्य, अभिभावक और शिक्षिका ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप, प्रधानाचार्य को पद मुक्त किये जाने की मांग।
राजकीय इंटर कॉलेज चौनलिया के प्रभारी प्रधानाचार्य संतोष कुमार तिवारी के व्यवहार से आक्रोशित एक अभिभावक और एक प्रवक्ता ने खंड शिक्षा अधिकारी भिकियासैण को पत्र लिखकर कार्यवाही की मांग की गई है। भिकियासैण के ग्राम हरनोली निवासी गोपाल सिंह रावत ने पात्र लिखकर कहा है कि प्रभारी प्रधानाचार्य द्वारा छात्रों और शिक्षकों के साथ दुर्वयवहार कर मानसिक उत्पीड़न हो रहा है।
गोपाल रावत ने बताया कि वह 90 फिसदी दिव्यांग हैं। बहुत ज्यादा जरूरी काम होने के कारण उन्होंने अपने बेटे को आधे दिन से घर भेजने का निवेदन किया तो इन्होंने मुझे कहा तुम्हारे बाप का नौकर नहीं हैं। वही गोपाल रावत की बेटी कक्षा 11 की छात्रा है। कक्षा 10 में उसने 75% अंकों के साथ कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वह भी यहाँ सही से अध्ययन नहीं कर पा रही है, जबकि वह अपने बेटे का नाम यहाँ से कटवा चुके हैं। गोपाल रवा का कहना है की अगर इन्हें शीतकालीन अवकाश होने से पहले तक कार्यवाहक प्रधानाचार्य के पद से मुक्त नहीं किया जाता है तो शीतकालीन अवकाश के पश्चात सभी अभिभावक और स्थानीय गांवों के प्रधानों के साथ मिलकर हम सभी लोग इनके खिलाफ बड़े जन-आंदोलन हेतु बाध्य होंगे।

वही दूसरी तरफ विद्यालय की शिक्षिका रेशमा परवीन प्रवक्ता (राजनीति विज्ञान) ने भी प्रभारी प्रधानाचार्य संतोष कुमार तिवारी पर द्वेषवश एवं दुर्भावनापूर्ण कुंठित भावना से सत्र 2024-25 की वार्षिक गोपनीय आख्या में गलत एवं तथ्यहीन प्रविष्टि अंकित करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है की वह विद्यालय में एकमात्र मुस्लिम महिला शिक्षिका है तथा प्रभारी प्रधानाचार्य द्वारा उनके साथ प्रारंभ से ही धार्मिक आधार पर भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता रहा है।
उन्होंने बताया की पूर्व में भी उनके द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित एवं भयभीत करने की लिखित शिकायत की जा चुकी है। अब दोबारा उसी प्रकार की प्रताड़ना होने पर तत्काल प्रकरण की निष्पक्ष जाँच करवाने की मांग की है और प्रभारी प्रधानाचार्य से लिखित क्षमायाचना पत्र लिखवाने की मांग की है। उन्होंने 10 दिन के भीतर उचित कार्यवाही न होने की दशा में प्रकरण को शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारिर्यो के समक्ष प्रस्तुत करने की बात भी कही है।
