
मनरेगा रद्द करने के विरोध में कांग्रेस ने रानीखेत में केंद्र सरकार का पुतला दहन किया।
रानीखेत। केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा को रद्द करने के मकसद से विधेयक लाने के खिलाफ कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर 18 दिसंबर 2025 को रानीखेत कांग्रेस कमेटी ने गांधी चौक पर केंद्र सरकार का पुतला दाह किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं, बल्कि संघर्ष से उपजा कानून है। इसने ग्रामीण भारत के करोड़ों लोगों को ‘हर हाथ को काम दो, काम का पूरा दाम दो’ का कानूनी हक दिया, जिसमें 100 दिन का सुनिश्चित रोजगार शामिल है।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस कानून को कमजोर कर मजदूरों के अधिकारों पर प्रहार कर रही है और महात्मा गांधी के नाम व मूल्यों को मिटाने की साजिश रच रही है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि अधिकार-आधारित कानूनों को हटाकर केंद्र नियंत्रित ‘चैरिटी मॉडल’ थोपना भाजपा-आरएसएस की मंशा है, जो लोगों के काम के अधिकार को छीन लेगी।

कार्यक्रम में महेश आर्या, कमलेश बोरा, गीता पवार, नेहा साह माहरा, कुलदीप कुमार, अंकित पडालिया पंत, पारस खत्री, गोपाल देव, भगवंत नेगी, विनीत चौरसिया, विश्व विजय सिंह माहरा, त्रिलोक आर्या, जीतन जयाल, माधवी देवी, रेखा अधिकारी, सोनू सिद्दीकी, पंकज गुरुरानी, हेमंत बिष्ट, सुरेंद्र पवार, रुद्र माहरा, अंकित रावत, भुवन आर्या, दीपक सोंटियाल, धीरज कुमार सहित अनेक पदाधिकारी/कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की।
