
भिकियासैण सड़क हादसे वाली रोड पर बने कई डेंजर पॉइंट, विभाग के अधिकारी बेखबर सो रहे गहरी नींद में।
2 दिन पूर्व भिकियासैण के सेलपानी में हुए हादसे के बाद अब रोड की स्तिथि पर भी कई सवाल खड़े हो रहे है। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई थी और 12 लोग घायल हुए थे। दैनिक समाचार पत्र हिन्दुस्तान में प्रकाशित सीएस सनवाल की एक रिपोर्ट में इस पर विस्तार से चर्चा की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भिकियासैंण से सेलापाली तक छह किमी के दायरे में ही दस स्थान बेहद खतरनाक हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस सड़क पर ना तो क्रैश बैरियर लगाए गए है, ना ही पैराफिट बनाये गए हैं। इसके अलावा मानसून में पहाड़ से बहकर आया मालवा भी सड़क पर फैला हुआ है जिस कारण इस सड़क की चौड़ाई कई जगह पर बेहद कम हो रही है और मोड़ तीखे हो गए हैं जो सीधे सीधे सड़क हादसों को दावत दे रहे हैं। इस सड़क हादसे की वजह सड़क के बीचों-बीच बनी सड़क टूटकर बनी नाली और खाई की तरफ कैश वैरियर या पैराफिट नहीं होना बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि सड़क किनारे झाड़ियों का कटान नहीं होने से मोड़ अंधे हो गए है और सामने से आती गाड़ियां नहीं दिख रही है. ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि इस सड़क का रखरखाव करने वाली लोक निर्माण विभाग के अधिकारीयों पर क्या कार्यवाही होगी ? आखिर कब तक सरकारी सिस्टम हालात ठीक करने के लिए आम लोगों की मौत का इंतज़ार करता रहेगा ?

