
मेरे अंग बेचकर एसएसपी और पुलिस वालों को दे देना, किसान ने अपने सर पर गोली मारकर की आत्महत्या, विपक्ष ने उठाये सवाल, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश।
हल्द्वानी के गौलापार में काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह ने प्रॉपर्टी धोखाधड़ी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। आधी रात को फेसबुक पर लाइव आकर उसने उधम सिंह नगर पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए है। जिसके बाद विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरा है तो वही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घटना के जांच के आदेश दे दिए है।

10 जनवरी 2026 को रात करीब 2:30 बजे काठगोदाम थाना क्षेत्र के गौलापार स्थित एक होटल में 40 वर्षीय सुखवंत सिंह ने अपनी पत्नी प्रदीप कौर और बेटी के सामने खुद को गोली मार ली। वीडियो में उसने बताया की उसकी पत्नी और बच्चे को भी गोली लगी और और वह भी मर गए हैं। हालांकि उन्हें केवल छर्रे लगे थे और उन्हें इलाज के लिए सुशीला तिवारी में भर्ती कराया गया है। सुखवंत पत्नी के इलाज के लिए हल्द्वानी आया था। आत्महत्या से पहले सुखवंत ने फेसबुक लाइव में दो दर्जन से अधिक लोगों पर वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप लगाया, जिसमें काशीपुर में करीब चार करोड़ रुपये की जमीन फर्जीवाड़ा शामिल था।
एसएसपी ने फटकार लगाई और ने की गाली-गलौच :-
आत्महत्या से पहले लाइव वीडियो में सुखवंत सिंह ने ऊधम सिंह नगर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुखवंत के मुताबिक अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत लेकर जब वह थाना आईटीआई, काशीपुर पहुंचे लो एसओ कुंदन सिंह रौतेला ने उनकी एक नहीं सुनी। सुखवंत के मुताबिक कथित गिरोह ने एसओ कुंदन सिंह को 30 लाख रुपए देकर अपनी तरफ कर लिया। इसके बाद वह पैगा चौकी पहुंचे, लेकिन वहां भी न्याय नहीं मिला। सुखवंत ने कहा कि वह एसएसपी के पास भी पहुंचे, लेकिन वहां भी उन्हें न्याय नहीं मिला। सुखवंत के मुताबिक विगत 17 दिसंबर 2025 को जब वह एसएसपी के पास पहुंचे तो एसएसपी ने उन्हें फटकार लगाई और एसओ कुंदन सिंह रौतेला ने भी उनके साथ गाली-गलौच की।
शरीर के अंग बेचकर सारे पैसे एसएसपी और पुलिस वालों को दे दो :-
सुखवंत ने आत्महत्या से पहले ऊधम सिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा और एसओ कुंदन सिंह को भष्ट अधिकारी बताया। उन्होंने कहा कि यह गरीबों का खून चूसते हैं, इनका पेट नहीं भरता। सुखवंत ने कहा कि उनके मरने के बाद उनके शरीर के अंग बेचकर सारे पैसे एसएसपी मणिकांत मिश्रा, एसओ कुंदन सिंह रौतेला और पैगा चौकी के पुलिसकर्मियों को दे दिए जाए, ताकि इनका पेट भर जाए और इनके परिवार वाले अपनी जरूरतें पूरी कर सके। क्योंकि इनको तनख्वाह नहीं मिलती है।
करन माहरा ने सरकार को घेरा :-
इस घटना पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने सरकार पर आरोप लगते हुए कहा कि ह कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि उस टूटे हुए सिस्टम की निर्मम सच्चाई है जिसमें आज प्रदेश के किसान, मजदूर और आम जनता जीने को मजबूर हैं। किसान की यह दर्दनाक मौत सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान है। कहा कि यह घटना व्यवस्था की नाकामी और क्रूरता को नंगा कर देती है। मुख्यमंत्री जी को सोचना होगा कि आखिर राज्य की पुलिस कानून व्यवस्था छोड़कर जमीनों के दलालों और कब्जेदारों की छत्रछाया में क्यों काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कमिश्नर को दिए जांच के आदेश :-
सीधे सीधे एसएसपी पर लगे आरोपों के बाद मुख्यमंत्री ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत को मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस दु:खद घटना के सभी तथ्यों और परिस्थितियों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या दोष पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा सके। प्रशासन को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और उन्हें न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
