
होली पर काकड़ हिरण शिकार का सनसनीखेज मामला, 14 गिरफ्तार, वन्यजीव कानून के तहत केस दर्ज।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ होली के पावन पर्व पर जंगल में काकड़ (हिरण) का शिकार करने वाले 14 लोगों को वन विभाग और पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धाराओं के तहत सख्त मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। यह घटना स्थानीय स्तर पर वन्यजीव संरक्षण को लेकर जागरूकता की कमी को उजागर करती है।

जानकारी के अनुसार, रुद्रप्रयाग जिले के बच्छणस्यूं पट्टी के क्वली गांव के निकटवर्ती जंगल में वन विभाग की टीम ने गुरुवार को गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान टीम को जंगल में एक काकड़ हिरण का शव बरामद हुआ, जो ताजा शिकार का स्पष्ट संकेत दे रहा था। इसके अलावा, शिकार के लिए प्रयुक्त हथियार भी मौके से जब्त कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई कि होली के दिन ये 14 लोग जंगल में शिकार करने गए थे.
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें उनकी संलिप्तता की पुष्टि हुई। इसके बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं (जैसे धारा 9 और 51) के तहत मामला दर्ज किया गया। कोर्ट में पेशी के बाद मजिस्ट्रेट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वन विभाग ने चेतावनी जारी की है कि हिरण जैसी संरक्षित प्रजातियों का शिकार न केवल अपराध है, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र को भी गंभीर नुकसान पहुँचाता है।
काकड़ हिरण उत्तराखंड के हिमालयी जंगलों का महत्वपूर्ण हिस्सा है, और इसका शिकार राज्य के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को झटका देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के दौरान शिकार की ऐसी प्रवृत्ति ग्रामीण इलाकों में अभी भी प्रचलित है, लेकिन सख्त कार्रवाई से इसे रोका जा सकता है। वन विभाग ने स्थानीय समुदायों को जागरूक करने के लिए अभियान तेज करने की योजना बनाई है।
