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Ranikhetnews > Blog > संपादकीय > वानर और सुअरो के बाद अब उत्तराखंड में व्लॉगरों का आतंक, निजी जीवन को सोशल मीडिया में उछाल कर पैसा कमाने की अंधी दौड़।

वानर और सुअरो के बाद अब उत्तराखंड में व्लॉगरों का आतंक, निजी जीवन को सोशल मीडिया में उछाल कर पैसा कमाने की अंधी दौड़।

कामरान कुरैशी
By कामरान कुरैशी
March 9, 2026
3 Min Read
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वानर और सुअरो के बाद अब उत्तराखंड में व्लॉगरों का आतंक, निजी जीवन को सोशल मीडिया में उछाल कर पैसा कमाने की अंधी दौड़।

उत्तराखंड में इन दिनों सोशल मीडिया पर ब्लॉगरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही विवाद भी बढ़ते जा रहे हैं। पिछले कुछ समय में आपने नोटिस किया होगा कि उत्तराखंड के ज़मीनी मुद्दे, आम जनता की समस्याएँ, शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन जैसे मुद्दों से ज्यादा चर्चाए इन ब्लॉगरों की होने लगी है। कई ब्लॉगर व्यूज़ और लाइमलाइट के लिए निजी जिंदगी, आरोप-प्रत्यारोप और आपसी विवाद को कंटेंट बना रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या सोशल मीडिया की इस होड़ में उत्तराखंड की संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को नुकसान पहुंच रहा है
रोज़ कोई न कोई ब्लॉगर नया बवाल खड़ा कर देता है और उत्तराखंड की भोली जनता, इन ब्लॉगरों के पीछे लग जाती है। ऐसा लगता है जैसे अब इनके सिवा और मुद्दा, कोई परेशानी, कोई और बात हमारे जीवन में है ही नहीं।

मैं यहाँ किसी का नाम नहीं लेना चाहता लेकिन एक तरफ ऐसे ब्लॉगर है जो अपने जीवन की नौटंकी तो दिखा ही रहे हैं साथ ही उन्होंने नियम बना लिया है दूसरो के जीवन पर छींटाकशी करना, दूसरों के जीवन की किसी घटना की मजाक उड़ाना। और ये सब करके वह एक मानवीय कमजोरी का फायदा उठा रहें है जहाँ हमें दूसरो के जीवन में झांकना अच्छा लगता है। इसके बदले उन्हें ढेरों व्यूज और फॉलोवर मिल रहे हैं साथ ही वो मोटी रकम बटोर रहे हैं। लेकिन इन सब से समाज को क्या हासिल हो रहा है, समाज किस दिशा में जा रहा है, ये भी विचारणीय प्रश्न है।

दूसरी तरफ ऐसे ऐसे ब्लॉगर भी है जो पहाड़ की समस्याओ को उठाते हैं, इन समस्याओ के लिए प्रशासन और रसूखदार लोगों से पन्गा मोल लेते हैं। लेकिन अपने उसूलों पर टिके रहते हैं। ऐसे ब्लॉगर फॉलोवर और व्यूज को तरसते रहते हैं। लेकिन कोई उन्हें देखने को तैयार नहीं होता। तो आइये इन ब्लॉगरों से उत्तराखंड को बचाइए, इनको भाव देना और इनके घटिया वीडियो देखना कम कीजिये, इन पर चर्चा करना बंद कीजिये। वरना हमारी आने वाली पीढ़ी और भी बर्बाद हो जाएगी।

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