
प्रमुख सचिव ने रानीखेत में वर्ष 2000 से 2026 तक हुए विकास कार्यों की समीक्षा की।
रानीखेत, 2 मई: उत्तराखंड शासन के प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु ने यहां आयोजित समीक्षा बैठक में वर्ष 2000 से 2026 तक रानीखेत क्षेत्र के विभिन्न विभागों के विकास कार्यों की प्रगति पर पीपीटी प्रस्तुति के जरिए गहन समीक्षा की।

बैठक में लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की प्रगति पर नजर डालते हुए सुधांशु ने गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें केवल संपर्क का साधन नहीं, बल्कि जीवनरेखा हैं, इसलिए सुरक्षित आवागमन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। जिलाधिकारी अंशुल सिंह को सभी विकास कार्यों की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए।

वन विभाग के मामलों पर विकास अनुमतियों में देरी न करने, मानव-वन्यजीव संघर्ष और वनावरण की स्थिति पर चर्चा हुई। शिक्षा विभाग में गुणवत्ता सुधार पर जोर दिया गया, जबकि स्वास्थ्य विभाग को जनसंतोष के लिए फीडबैक तंत्र और अस्पतालों में शिकायत निवारण व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया।

पर्यटन विभाग की योजनाओं की समीक्षा में प्रमुख सचिव ने “हाई वैल्यू-लो वॉल्यूम” मॉडल अपनाने, वन एवं पर्यटन विभाग के समन्वय से इको-टूरिज्म बढ़ाने पर बल दिया। सभी विभागों को लक्ष्य आधारित योजनाएं तैयार कर नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को मजबूत करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग को बढ़ावा देने और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्यों के अनुरूप दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाने को कहा।

रमेश कुमार सुधांशु ने रानीखेत की पर्यटन संभावनाओं का जिक्र करते हुए वेलनेस व नेचुरोपैथी जैसी नई दिशाओं पर लक्ष्य आधारित योजना बनाने पर जोर दिया, ताकि विकसित भारत, रानीखेत व उत्तराखंड का स्वप्न साकार हो। बैठक के बाद उन्होंने विधायक प्रमोद नैनवाल सहित जनप्रतिनिधियों व गणमान्य व्यक्तियों से सुझाव लिए।
बैठक में जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चन्द्रशेखर आर घोड़के, जॉइंट मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, प्रभागीय वन अधिकारी दीपक सिंह, प्रदीप धौलाखंडी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
