
पूरी की पूरी खैरना पुलिस चौकी हो गयी लाइन हाजिर, युवक की आत्महत्या मामले में एसएसपी क बड़ा कदम
नैनीताल, 8 मई 2026: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बेतालघाट के लोहाली गांव के बालम सिंह बिष्ट की आत्महत्या के मामले में एसएसपी ने खैरना चौकी प्रभारी रमेश पंत समेत पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया। प्रशासन का उद्देश्य जांच को पूरी तरह निष्पक्ष रखना है।

28 अप्रैल को बालम नदी और पहाड़ियों के दृश्य कैमरे में उतार रहे थे, तभी खैरना चौकी की पुलिस से उनकी बहस हो गई। पुलिस ने उन पर शराब के नशे का आरोप लगाकर मेडिकल कराया और पुलिस एक्ट में चालान काटकर परिजनों को सौंप दिया।

परिजनों के मुताबिक, घर जाते समय बालम ने बहन मुन्नी जलाल को फोन पर बताया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की, मोबाइल सिम तोड़ा और 5,000 रुपये लूटे। इसी मानसिक तनाव में घर पहुंचकर उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। मरने से पहले सुसाइड नोट में उन्होंने पुलिस दुर्व्यवहार को जिम्मेदार ठहराया। स्थानीय जनप्रतिनिधि जिला पंचायत सदस्य यशपाल आर्य और संजय बोहरा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर समर्थन दिया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
मृतक बहन मुन्नी जलाल ने दोषियों को सख्त सजा की मांग की। उन्होंने कहा, “पुलिस की प्रताड़ना ने मेरे भाई को मौत के लिए मजबूर कर दिया। न्याय मिलना चाहिए।” एसएसपी के आदेश पर सुसाइड नोट और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज हो चुका है। जांच में दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई होगी।
