
उद्यान निदेशालय चौबटिया को 26 साल बाद मिला अपना स्थायी निदेशक, देहरादून में संभाला कार्यभार।
रानीखेत — उत्तराखंड के उद्यान निदेशालय चौबटिया को 26 साल बाद पहली बार स्थायी निदेशक मिला है। लंबे समय तक प्रतिनियुक्ति और अन्य विभागों के अफसरों के सहारे चल रहे उद्यान निदेशालय में विभाग के ही एक वरिष्ठ अधिकारी राकेश कुमार सिंह को औपचारिक रूप से निदेशक नियुक्त किया गया है। शासन के आदेश के बाद उन्होंने विधिवत रूप से देहरादून में कार्यभार संभाल लिया है।

राज्य स्थापना के बाद विभाग में निदेशक का स्थायी पद भरना नहीं हो पाया था और अक्सर HOD के रूप में या तो प्रतिनियुक्ति के माध्यम से अधिकारी लगाया जाता रहा है। इस नियुक्ति को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह पहला अवसर है जब विभाग के भीतर से किसी अधिकारी को स्थायी तौर पर निदेशक की कुर्सी मिली है। हलांकि उन्होंने अपना चार्ज देहरादून में ही लिया है, इसलिए इस बात की संभावना कम ही है की वो चौबटिया स्थित अपने कक्ष में बैठेंगे।
उद्यान विभाग किसानों से सीधे जुड़े तकनीकी मामलों जैसे फल उत्पादन, बागवानी, पॉलीहाउस, फूलों की खेती, मशरूम उत्पादन, औषधीय पौधों और आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़ी योजनाओं का संचालन करता है। इन योजनाओं की प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग की गहन समझ और तकनीकी विशेषज्ञता आवश्यक मानी जाती है। लंबे समय से ऐसी विशेषज्ञता वाले स्थायी नेतृत्व की कमी महसूस की जा रही थी। इसी कमी को दूर करने की अपेक्षा अब राकेश कुमार सिंह की नियुक्ति से विभागीय कर्मचारियों और किसान संगठनों में नई उम्मीद जगी है।
