
भाजपा पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता मिलने पर गरमाई रानीखेत की सियासत, कांग्रेस ने भाजपा सरकार एवं क्षेत्रीय विधायक का पुतला फूँका।
रानीखेत में मुख्यमंत्री सहायता कोष से कुछ विशेष लोगों को सहायता मिलने का मुद्दा गरमा गया है। विगत दो दिनों से सोशल मीडिया पर लग रहे आरोपों के बीच आज कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के नेतृत्व में ग्राम- बमस्यू में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार एवं क्षेत्रीय विधायक का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।

हम आपको बता दें कि भतरौंजखान निवासी कांग्रेस नेता दीपक करगेती ने विगत दो दिनों में फेसबुक पर लाइव वीडियो के माध्यम से आरोप लगाया कि क्षेत्रीय विधायक द्वारा भाजपा से जुड़े कई आर्थिक रूप से सम्पान पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाई है। करगेती ने कई पदाधिकारियों का नाम भी वीडियो में सार्वजानिक किये थे। जिसके बाद ये मुद्दा अब क्षेत्रीय राजनीती में चर्चा का विषय बन गया है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस ने आज भाजपा सरकार एवं क्षेत्रीय विधायक का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
करन माहरा ने कहा कि आर्थिक सहायता का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों के दुख-दर्द को कम करना है, लेकिन यदि सहायता के वितरण में कथित अनियमितताएं होती हैं तो यह जनभावनाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और पात्र लोगों को उनका हक दिलाने के लिए कांग्रेस लगातार संघर्ष करती रहेगी।
पदाधिकारियों ने रखा अपना पक्ष :
वही जिन लोगों के नाम इस मामले में सामने आये हैं उन्होंने कहा है कि उन्होंने कभी किसी आर्थिक सहायता के लिए आवेदन नहीं किया है और इस सूची में उनका नाम कैसे आया उन्हें जानकारी नहीं है। वही प्रशासन ने कहा है कि जिन लोगों के नाम सूची में आये हैं यदि उन्हें सहायता नहीं चाहिए तो उनका चेक सरकार को वापस भेज दिया जायेगा।
पुतला दहन कार्यक्रम में ये रहे शामिल :
कार्यक्रम का संचालन गोपाल सिंह देव ने किया। कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष प्रेम अधिकारी न्याय पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र सिंह करायत, महिला जिलाध्यक्ष गीता पवार, ग्राम प्रधान जैनोली, नवीन प्रकाश, रुद्र माहरा, मनोज कोरंगा, कॉर्डिनेटर कुलदीप कुमार, बाग़म्बर सिंह मेहरा, प्रेम विक्की मेहरा, गोविंद फर्त्याल, नंदन सिंह मेहरा, खुशाल मेहरा, नवीन मेहरा, हेमा मेहरा, गीता माहरा, पार्वती करायत, रघुवर सिंह बिष्ट, भीम सिंह मेहरा, पूरन मेहरा, चंदन सिंह करायत, दयाल राम, ललित मेहरा आदि उपस्थित रहे।
