
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर सात सितंबर से हड़ताल करेंगे 1200 जूनियर डॉक्टर, स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है बड़ा असर।
देहरादून/हल्द्वानी, 4 सितंबर। उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं सोमवार से प्रभावित हो सकती हैं। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर करीब 1200 पीजी डॉक्टर और एमबीबीएस इंटर्न सात सितंबर से हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। इनमें करीब 600 पीजी डॉक्टर और 600 इंटर्न शामिल हैं। ‘रेजीडेंट डॉक्टर यूनाइटेड’ और ‘वॉयस ऑफ इंटर्न’ के बैनर तले शुरू हुआ आंदोलन अब व्यापक विरोध में बदल गया है।

गुरुवार को दून मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने प्राचार्य डॉ. गीता जैन से मुलाकात कर सोमवार से हड़ताल का अल्टीमेटम दिया। आरडीए अध्यक्ष डॉ. अभिजीत राठी, उपाध्यक्ष डॉ. राहुल, सचिव डॉ. हिमांशु और सह सचिव डॉ. नीरज ने कहा कि पीजी डॉक्टरों का स्टाइपेंड 71 हजार से बढ़ाकर 1.10 लाख रुपये किया जाए। डॉक्टरों के मुताबिक वे दो बार स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के निदेशक के समक्ष मांग रख चुके हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन मिले हैं। उनका कहना है कि पड़ोसी राज्यों में उत्तराखंड की तुलना में अधिक स्टाइपेंड दिया जा रहा है।
वहीं, हल्द्वानी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस इंटर्न भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। उन्होंने 17 हजार रुपये का मासिक स्टाइपेंड बढ़ाकर कम से कम 30 हजार रुपये करने की मांग की है। एसटीएच में इंटर्न ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। उनका कहना है कि ओपीडी, आईपीडी और आकस्मिक सेवाओं में ड्यूटी के साथ अन्य जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद 17 हजार रुपये में आवास, भोजन, आने-जाने और पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल है। ‘वॉयस ऑफ इंटर्न्स-उत्तराखंड’ ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर महंगाई और बढ़ते काम के बोझ का हवाला देते हुए स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग की है।
