
पीने के पानी में सीवर का पानी मिलने से ज्योलीकोट में पीलिया-डायरिया का कहर, दो की मौत। 100 से अधिक ग्रामीण बीमार, कई की हालत गंभीर; दिल्ली-बरेली समेत कई अस्पतालों में चल रहा इलाज।
नैनीताल। ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पानी से पीलिया और डायरिया का प्रकोप अब जानलेवा हो गया है। क्षेत्र में 100 से अधिक ग्रामीण बीमार पड़ चुके हैं, जबकि दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। कई बच्चे, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग गंभीर हालत में दिल्ली, बरेली, हल्द्वानी और नैनीताल के अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। कई मरीज आईसीयू में भर्ती बताए जा रहे हैं।

सरियाताल निवासी 16 वर्षीय रितेश जीना और ज्योलीकोट निवासी 26 वर्षीय नीमा जोशी की उपचार के दौरान मौत हुई है। रितेश 11वीं का छात्र था। परिजनों के अनुसार, उसे 18 अगस्त से टायफाइड, उल्टी-दस्त और पेट संबंधी दिक्कत थी। हालत बिगड़ने पर 28 अगस्त को उसे हल्द्वानी के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। वहां से उसे दिल्ली के एलबीएस अस्पताल और एम्स रेफर किया गया। चिकित्सकों ने लीवर ट्रांसप्लांट की सलाह दी। बाद में रितेश को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई।
इधर, ज्योलीकोट निवासी नीमा जोशी भी पीलिया और लीवर संक्रमण की चपेट में आ गई थीं। उन्हें उपचार के लिए बरेली के राममूर्ति अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
जून से सामने आने लगे थे मामले
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में जून से ही डायरिया, उल्टी-दस्त और टायफाइड के मामले सामने आने लगे थे। एक-एक कर ग्रामीण बीमार पड़ते गए। ग्रामीणों ने पेयजल दूषित होने की शिकायत की थी। प्रशासनिक स्तर पर हुई जांच में सामने आया है कि क्षेत्र के वाटर सप्लाई टैंक से जुड़े जलस्रोत में नैनीताल शहर की सीवर लाइन का पानी मिलने से पेयजल दूषित हुआ। इसके बाद एहतियातन इस जलस्रोत को वाटर टैंक की सप्लाई से अलग कर दिया गया है। दूषित पानी की वजह से ही बीमारी फैलने की आशंका जताई जा रही है।
बड़ी संख्या में ग्रामीणों के बीमार पड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र के गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगा रही हैं। मरीजों की जांच के साथ दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए हल्द्वानी, नैनीताल, बरेली और दिल्ली रेफर किया जा रहा है।
दस स्कूल और पांच आंगनबाड़ी केंद्र बंद
दूषित पानी से संक्रमण का खतरा देखते हुए प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए ज्योलीकोट, गांजा और सरियाताल क्षेत्र के 10 स्कूल और पांच आंगनबाड़ी केंद्र एक सप्ताह के लिए बंद कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं पेयजल व्यवस्था की निगरानी बढ़ाई गई है।
