
सरकार की अतिक्रमण कार्यवाई पर लाचारी और गुस्से से भरी 100 वर्षीय बुड्ढी अम्मा बोलीं, “अगर शासन-प्रशासन के पास हमारे देश में हमारी जगह नहीं है, तो हमें पाकिस्तान भेज दो।”
रामनगर में पिछले दिनों बड़ी संख्या में वन विभाग की भूमि में अतिक्रमण हटाया गया है। जिसके बाद संयुक्त संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल आज ग्राम पुछड़ी में बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित लोगों से मिल रहा था। उसी समय तराई पश्चिमी वन प्रभाग के कर्मचारी मिलन चौक के ऊपरी क्षेत्र के लोगों को बेदखली के नोटिस बाँट रहे थे।
इसी दौरान संघर्ष समिति के सामने बेहद भावुक करने वाला दृश्य सामने आया जब सुशील कुमार की बेटी ने संघर्ष समिति के लोगों को नोटिस दिखाया। तो संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्य और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के प्रधान महासचिव प्रभात ध्यानी ने 100 वर्षीय बुजुर्ग भागीरथी देवी (पत्नी स्वर्गीय मंगल राम) से इस बारे में पूछा।
लाचारी और गुस्से से भरीं बुड्ढी अम्मा बोलीं, “अगर शासन-प्रशासन के पास हमारे देश में हमारी जगह नहीं है, तो हमें पाकिस्तान भेज दो।”उन्होंने आगे कहा कि वे अपने पति के साथ सालों से यहीं रह रही हैं। उनके पति ने मालिकाना हक के लिए दिल्ली के बोट क्लब से लेकर लखनऊ, रामनगर और नैनीताल तक कई बार धरना दिया, जेल यात्राएँ कीं। इसी जगह उनके बेटे, नाती-पोते पैदा हुए हैं। फिर शासन-प्रशासन हमें यहाँ से बेदखल कैसे कर सकता है?
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