
प्रसिद्ध कुमाऊनी लोक गायक दीवान सिंह कनवाल के निधन से उत्तराखंड में शोक की लहर।
उत्तराखंड के प्रसिद्ध कुमाऊनी लोक गायक दीवान सिंह कनवाल का 11 मार्च 2026 को निधन हो गया। वे 67 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे।दीवान सिंह कनवाल ने अल्मोड़ा जिले के खत्याड़ी स्थित अपने आवास पर बुधवार सुबह अंतिम सांस ली। उनके निधन से उत्तराखंड के लोक संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

जीवन और योगदान :– वे जिला सहकारी बैंक से मैनेजर पद पर सेवानिवृत्त हुए थे। लम्बे समय तक रानीखेत शाखा में भी उन्होंने अपनी सेवाएँ दी थी। उनकी मधुर आवाज में कुमाऊं की संस्कृति झलकती थी, और उन्होंने 35 वर्षों तक लोक गीत गाए। प्रसिद्ध गीतों में ‘आज कु छे मेत जा’, ‘हिट मेरी रंगीली’, ‘त्यार पहाड़ म्यार पहाड़’ शामिल हैं। उन्होंने कुमाऊंनी फिल्म ‘मेघा आ’ में गायन से शुरुआत की और 100 से अधिक गीत गाए। उनके गीत पहाड़ी जीवन, प्रेम और भक्ति को दर्शाते हैं।
शोक संदेश – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने उत्तराखंड की लोक संस्कृति को नई पहचान दी है। उनके निधन पर अनेक लोक कलाकारों और प्रशंसकों ने भी शोक व्यक्त किया है। रानीखेत में भुवन पपनैं, मोहन नेगी, मनोज अग्रवाल, नवल पांडेय, हर्ष पंत, कामरान कुरैशी, राजेंद्र जसवाल आदि ने शोक व्यक्त किया है।
प्रमुख गाने :- दीवान कनवाल के प्रसिद्ध कुमाऊंनी गीतों में ये शामिल हैं:
हुड़की घमा घम
नंदा चालीसा
जय मय्या बाराही
जय गोलू देव
मेघा आ
बलि वेदना
ऐ गे बहार
आज कु छे मेत जा
हिट मेरी रंगीली
त्यार पहाड़ म्यार पहाड़
