
भतरौंजखान में महिला के शोषण के आरोपी नंदन सिंह रावत को हाईकोर्ट में नहीं मिली राहत। दिए ये निर्देश।
नैनीताल हाईकोर्ट ने भतरौंजखान थाना क्षेत्र के नंदन सिंह रावत को महिला उत्पीड़न मामले में कोई राहत नहीं दी। कोर्ट ने आरोपी को निर्देश दिया कि वह तीन दिनों के भीतर अनुसूचित जाति की सरकारी सेवा करने वाली पीड़िता से संपर्क कर विवाद सुलझाने का प्रयास करें। अगली सुनवाई 27 मार्च को निर्धारित है।
पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट, जालसाजी व ठगी के तहत मुकदमा दर्ज किया है। नंदन सिंह रावत ने मुकदमा खारिज करने व गिरफ्तारी रोकने की याचिका दायर की। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने मामले की गंभीरता देखते हुए मौखिक आदेश दिया कि पीड़िता से मिलकर सेटलमेंट करें व 27 मार्च को स्थिति बताएं।
पीड़िता के आरोप व घटनाक्रम :- अल्मोड़ा जिले के विकासखंड मुख्यालय में कार्यरत पीड़िता ने 9 मार्च को भतरौंजखान थाने में शिकायत दर्ज की। उसका आरोप है कि नंदन सिंह रावत ने नौ साल पहले चितई गोल्ज्यू मंदिर में शादी का वादा कर शारीरिक, मानसिक व आर्थिक शोषण किया। आरोपी ने उसके सरकारी पद का लाभ उठाकर लाखों रुपये गाड़ी, कपड़े व किराए के नाम पर लिए।
जब पीड़िता ने विवाह पंजीकरण की मांग की, तो आरोपी के परिजनों ने जातिगत भेदभाव का हवाला देकर इनकार कर दिया और धमकियां दीं। अब आरोपी किसी अन्य महिला से शादी करने की तैयारी में है, जिसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई।
