
रानीखेत के सरोली ग्रामवासियों की चेतावनी, सड़क नहीं तो वोट नहीं। सड़क निर्माण न होने से ग्रामीणों में आक्रोश, चुनावों में विरोध का चेतावनी।
रानीखेत के सरोली ग्राम सभा और आसपास के ग्रामीण उनके गांव में सड़क निर्माण न होने से नाराज़ है और उन्होंने आगामी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने कहा है कि कई वर्षों से चल रही उनकी मांग — सरोली-चमोली सड़क का निर्माण — लगातार किए गए वादों और सर्वे के बावजूद पूरा नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभिन्न चुनावों में अनेक नेताओं ने सड़क बनाने का आश्वासन दिया लेकिन अमल नहीं हुआ। सरोली ग्राम रानीखेत हल्द्वानी हाई वे पर पिलखोली से नीचे स्थित है।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सड़क न होने से उनके दैनिक जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। वे कहते हैं कि मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, बच्चों के स्कूल जाने, किसानों की फसलें बाजार तक पहुंचाने और आवश्यक सामग्री लाने-ले जाने में चुनौतियाँ रोज बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार खासकर मानसून में स्थिति और भी दयनीय हो जाती है और आवाजाही लगभग असम्भव हो जाती है।
बढ़ती अनदेखी और केवल आश्वासनों से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही सड़क निर्माण का काम प्रारंभ नहीं किया गया तो आने वाले चुनावों में “सड़क नहीं, तो वोट नहीं” पर अटल रहेंगे। स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि इस बहुप्रतीक्षित और आवश्यक सड़क का निर्माण त्वरित रूप से शुरू कराया जाए ताकि वर्षों से चल रही परेशानियों का समाधान हो सके।
